बहराइच। विकास खंड महसी के मासाडीह गांव में 10 करोड़ की लागत से अग्निशमन केंद्र का निर्माण कराया गया था, लेकिन रास्ते के अभाव में उसका संचालन नहीं हो पा रहा है। हालत यह है कि महसी तहसील क्षेत्र में अग्निकांड की घटना होने के बाद जिला मुख्यालय से दमकल वाहन बुलाया जाता है। ऐसे में यहां अग्निकांड की घटना पर त्वरित सहायता नहीं मिल पाती है।
जिले में गर्मी बढ़ऩे के साथ अग्निकांड की घटनाएं भी बढ़ऩे लगती है। शासन की ओर से जिले की लगभग सभी तहसीलों में अग्निशमन केंद्र का संचालन तो शुरू किया जा रहा है, लेकिन संसाधनों के अभाव में सभी अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य नहीं कर पा रहे हैं। विकास खंड महसी के मासाडीह गांव में करीब ढाई वर्ष पूर्व 10 करोड़ की लागत से अग्निशमन केंद्र का निर्माण कराया गया था, लेकिन भवन को स्थापित कराने से पूर्व शासन व प्रशासन की ओर से दमकल वाहनों के आने-जाने के लिए रास्ते का कोई इंतजाम नहीं किया गया। उचित मार्ग न होने से निर्माणाधीन भवन का संचालन नहीं हो पा रहा है।
हालांकि, अग्निशमन केंद्र तक जाने के लिए दो रास्ते तो जरूर बने हुए हैं, लेकिन एक रास्ता संकरा व खंडहर होने के चलते वाहन नहीं निकल सकते हैं, जबकि दूसरे रास्ते पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर रखा है। अग्निशमन मार्ग से अतिक्रमण हटाने की पहल प्रशासन की ओर से नहीं की जा रही है। हालात यह है कि महसी तहसील क्षेत्र के किसी क्षेत्र में अग्निकांड की घटनाएं घटित होती हैं तो जिला मुख्यालय स्थित अग्निशमन विभाग ही एकमात्र सहारा रहता है।
वहीं, अग्निशमन केंद्र की देखरेख के लिए चार फायरकर्मियों की तैनाती है। इनमें से तीन फायरकर्मी व एक दीवान हैं।
मार्ग पर है अतिक्रमण
उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है। शीघ्र ही मार्ग से अतिक्रमण हटाकर केंद्र का संचालन कराया जाएगा। फिलहाल एक दमकल वाहन की व्यवस्था अग्निशमन केंद्र के आसपास 25 मार्च तक करा दी जाएगी, जिससे तहसील क्षेत्र में होने वाले अग्निकांड पर तत्काल काबू पाया जा सके।
- गोंड विशाल रामानुज, सीएफओ, अग्निशमन केंद्र