महसी तहसील के मासाडीह गांव में स्थित अग्निशमन केंद्र
मिहींपुरवा (बहराइच)। विकास खंड मिहींपुरवा का वनग्राम राजस्व ग्राम के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को इसकी सूचना मिलने के बाद जैसे ही ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की नकल सौंपी गई। पूरा गांव खुशियों से झूम उठा। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। राजस्व ग्राम घोषित होने के बाद 20 वर्षों से गुलामों की तरह जीवन जी रहे 364 परिवारों को भी अब सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा।
मिहींपुरवा का वन ग्राम महबूब नगर कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग ककरहा वनक्षेत्र जंगल के किनारे बसा हुआ है। महबूब नगर के 364 परिवार के लोग 20 वर्षों से वनग्राम को राजस्व ग्राम में घोषित कराने की मांग कर रहे थे। राजस्व ग्राम न होने से ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर नहीं मिल पा रहा था। वहीं, केंद्र व राज्य सरकार की कोई भी विकास परियोजना का लाभ गांव को नहीं मिल पा रहा था। बृहस्पतिवार को जैसे ही ग्रामीणों को ककरहा वनग्राम के राजस्व ग्राम में परिवर्तित होने की सूचना मिली और परिवार रजिस्टर की नकल सौंपी गई। गांव में खुशियों का माहौल उत्पन्न हो गया।
ग्रामीणों ने सामुदायिक जागरूकता बैठक का आयोजन किया। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता जंग हिंदुस्तानी ने कहा कि परिवार रजिस्टर न होने से न ही गांव का विकास हो पा रहा था और न ही ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा था। हालात यह थे कि 364 परिवार के 2,300 लोग स्वतंत्र भारत में आजाद नागरिक की हैसियत का अहसास नहीं कर पा रहे थे। बैठक में ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक कार्य के लिए सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में सूर्यदेव, सुरेंद्र सिंह, रामचंद्र, रूप निवास, देवनारायण वर्मा आदि मौजूद रहे।