खेकड़ा क्षेत्र के एक गांव की पंचायत के फरमान की गूंज लंदन तक पहुंच गई। मगर, जिस परिवार के खिलाफ यह फरमान सुनाया गया था, उसे अभी तक यह भी नहीं पता कि यह पंचायत गांव में कहां हुई थी।
दलित युवक का पिता, बसपा विधायक लोकेश दीक्षित के साथ उनके बड़ौत रोड स्थित ऑफिस पर पहुंचा। इस दौरान मीडिया कर्मियों ने उससे जानकारी की कि खाप पंचायत ने यह फरमान गांव में किस स्थान पर सुनाया।
उसकी तारीख क्या थी और उसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे थे? युवक के पिता ने कहा कि युवती के परिवार के लोग उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे थे। उनके डर से वे तो परिवार के साथ 29 मई को गांव से दिल्ली चले गए थे। गांव में पंचायत 30 जुलाई को हुई थी।
उसे यह जानकारी नहीं है कि गांव में किस स्थान पर पंचायत हुई और उसमें कौन-कौन शामिल रहे। उन्हें तो गांव में हुई पंचायत की लोगों ने जानकारी दी थी।
उसके बाद जब भी वे केस में संबंध में बागपत कोर्ट या अन्य स्थान पर आते है, तभी युवती के परिजन और गांव के लोग उन्हें जान से मारने की धमकी देते थे। इससे वे काफी भयभीत है।
पुलिस पर सुरक्षा न देने का आरोप ः बागपत। युवक के पिता का कहना है कि वे अपनी पत्नी के साथ गांव में केस के संबंध में आए हुए है। उन्हें लगातार धमकी मिल रही है। पुलिस अधिकारी उन्हें सुरक्षा मुहैय्या नहीं करा रहे है। विधायक लोकेश दीक्षित ने भी इस पर नाराजगी व्यक्त की है।