यज्ञ करने से होती है मनुष्य की आत्मिक उन्नति
दोघट। गढ़ी कांगरान गांव में चल रहे ऋग्वेद खंड पारायण यज्ञ का समापन हुआ। यज्ञ के ब्रह्मा स्वामी यज्ञमुनि ने कहा कि यज्ञ पर्यावरण सुरक्षा का सशक्त माध्यम है। यज्ञ करने से मनुष्य की आत्मिक उन्नति होती है।
उन्होंने कहा कि यज्ञ में दी जाने वाली आहुति की सुगंध से पर्यावरण सुरक्षित होता है, साथ ही वेद मंत्रोच्चारण से आत्मिक शुद्धि भी होती है। परमवीर आर्य ने कहा कि त्योहार प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। इन त्योहारों पर सामाजिक बुराइयों को त्यागने का संकल्प लेना चाहिए। वेदपाठ विदुषी आर्या, आभा आर्या, मानसी आर्या ने किया। यज्ञमान रजनीश, कोमल, विक्रांत चौहान, पारूल चौहान रहे। इस मौके पर सत्यपाल आर्य, राजबाला आर्या, प्रधान हवनपाल, आनंद छिल्लर, पप्पन राणा, सुधीर तोमर, कपिल आर्य, सागर आर्य, बाबा भोल्लर, पवन शास्त्री मौजूद रहे।ा