बड़ौत। गेहूं की फसल पक चुकी है और कटाई चल रही है। मगर, पंचायत चुनाव में किसानों के लिए समस्या खड़ी हो गई है कि मजदूर नहीं मिल रहे है। स्थिति यह है कि यदि चुनाव तक इंतजार किया जाए तो फसल पककर झड़ने लगेगी। ऐसे में अब वह स्वयं ही हसिया लेकर सुबह और शाम सूर्य की तपिश कम होने पर गेहूं की फसल काट रहे हैं।
सिनौली गांव निवासी किसान हरेंद्र का कहना है कि काफी तलाशने के बाद भी मजदूर नहीं मिल रहे है। इस कारण मजबूरन स्वयं ही गेहूं कटाई शुरू कर दी है। किसान विक्की गौरा का कहना है कि चुनाव के चलते मजदूर मिलने मुश्किल हो रहे है। अधिकांश मजदूर चुनाव के बाद ही गेहूं कटाई की बात कर रहे है, लेकिन तब तक काफी देर हो जाएगी। मजदूर न मिलने पर परिवार के साथ गेहूं काट रहे है।
पिछले साल नहीं आई थी समस्या
वर्ष 2020 में कोरोना के चलते लॉकडाउन था। दूसरे राज्यों को गए जिले के मजदूर लौट आए थे। इस कारण मजदूरों की संख्या अधिक थी। किसानों की सही समय पर फसल कट गई थी। मगर, इस साल गेहूं की कटाई के समय पंचायत चुनाव आने से किसानों की समस्या बढ़ गई है।
मजदूर कर रहे चुनाव प्रचार
मजदूर वर्ग के लोग चुनाव प्रचार और प्रत्याशियों की दावत पार्टियों में व्यस्त हैं। कोई भी मजदूर चुनाव से पहले फसल की कटाई पर आना नहीं चाहता है। ऐसे में किसान खासा परेशान है। इधर उधर चक्कर काटकर किसान निर्माण कार्यों में लगने वाले मजदूरों को कटाई पर ले जा रहे है। बावजूद इसके पूर्ति नहीं हो रही है।