बागपत में कर्ज में डूबे मजदूर की आखिरकार मुफलिसी ने जान ले ही ली। 50 हजार रुपये के लिए बैंक के नोटिसों पर नोटिस आने से परेशान मजदूर बीमार हो गया। मुफलिसी ने ऐसा घेरा कि इलाज के लिए भी पैसे नहीं हो पाए और शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया।
निरपुड़ा गांव निवासी सुभाष कश्यप (45) पुत्र महावीर कश्यप मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। परिजनों के मुताबिक सुभाष ने दो साल पहले बैंक से 50 हजार रुपये का कर्ज लेकर अपनी दो बेटियों की शादी की थी। दो साल बीत जाने के बाद बैंक अधिकारियों ने उसे नोटिस भेजने शुरू कर दिए। इनसे वह परेशान हो चुका था। इसी परेशानी में वह बीमार हो गया।
गरीबी इतनी अधिक थी कि दवाई के पैसे न होने के कारण उसका इलाज नहीं हो पाया और शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व प्रधान कृष्णपाल राणा, निश्चय राणा ने बताया कि सुभाष बहुत ही गरीब था और कर्ज से परेशान होकर ही उसकी मौत हुई है। उन्होंने उसके परिवार को मुआवजा दिलाने और कर्ज माफ कराने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें इस मामले में कोई सूचना नहीं है। वह मामले की जानकारी कराएंगे।