बड़ौत। महिलाएं विद्युत सखी बनकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिल वसूलकर अपनी आजीविका चला रही हैं तो वह सरकार का राजस्व भी बढ़ा रही हैं। इस तरह काफी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं विभिन्न तरह के रोजगार करके अपनी आजीविका चला रही हैं। विद्युत सखी योजना के तहत उपभोक्ताओं का कुल बिल जमा कराने के एवज में इनको एक प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। अपनी आय बढ़ाने के लिए महिलाएं गांव में घर-घर जाकर अधिक बिल जमा कराने का प्रयास कर रही हैं। इससे महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ उपभोक्ताओं का घर बैठे बिल भी जमा हो रहा है, जिन्हें बिजली कार्यालयों व जनसेवा केंद्रों पर नहीं जाना पड़ रहा है। इस तरह के रोजगार कर महिलाएं कहीं न कहीं आत्मनिर्भर बनने की राह पर चल रही हैं, जो अन्य महिलाओं के लिए मार्गदर्शन का काम कर रही हैं। ब्लॉक मिशन मैनेजर पुनीत कुमार ने बताया कि समूह के माध्यम से सिलाई, कढ़ाई, चारपाई, ब्यूटी पार्लर, विद्युत सखी बनकर ब्लॉक में करीब छह हजार महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी हैं।
ये बोली महिलाएं
विद्युत सखी बनकर बिल वसूलने पर मिलने वाले कमीशन से घर के खर्च में सहयोग होता है। काम की तलाश में गांव से बाहर नहीं जाना पड़ता है। -पूजा
योजना से जुड़कर महिलाएं कहीं न कहीं सशक्त बन रही हैं। बिल जमा कराने से होने वाली कमाई से परिवार की आर्थिक स्थिति में सहयोग होता है। -शबाना मिर्जा