बड़ौत। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ओर से गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन ने एक और पहल की है। अब उन्हें विद्युत निगम से जोड़कर रोजगार दिया जाएगा। चयनित महिलाआें को अपने क्षेत्र में बिलिंग का कार्य करना होगा, जिसकी एवज में उन्हें प्रति बिल 20 रुपये मिलेंगे।
एडीओ आईएसबी जयपाल सिंह ने बताया कि ब्लाक के अंतर्गत 913 समूह है, जबकि 9500 महिलाएं सक्रिय है। इस कार्य में उन महिलाओं का चयन किया जाना है जो मोबाइल एवं इंटरनेट का उपयोग करती हो। वह गांवों में मीटर रीडिंग व बिजली बिल वसूली का कार्य करेंगी। बदले में प्रति कनेक्शन 20 रुपये की दर से मेहनताना दिया जाएगा। शासन ने समूह की योग्य महिलाओं की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है।
दी जाएगी ट्रेनिंग
बड़ौत। प्रत्येक गांव में सक्रिय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की एक सूची संबंधित बिजलीघर के अफसरों को दी जाएगी। इसके आद निगम के कर्मचारियों द्वारा चयनित महिलाओं को बिजली बिल कैसे जमा होता है, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी।
प्रधान व सचिवों की होगी जिम्मेदारी
बड़ौत। प्रत्येक गांव में महिला संगठन कार्यालय बना हुआ है। यहां पर स्वयं समूह की महिलाएं बैठकर बिलिंग का कार्य करेगी। इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना के लिए प्रधान व सचिव जिम्मेदार होंगे।
खातों में भेजी जाएगी धनराशि
बड़ौत। बीडीओ राहुल वर्मा ने बताया कि महिला से संबंधित क्षेत्र के बकाएदारों की सूची बनायी जाएगी। सूची महिलाओं को सौंपकर बिलिंग का कार्य कराया जाएगा। प्रति कनेक्शन पर महिलाओं को 20 रुपये दिए जाएगी। अधिकांश स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का खाता खुला हुआ है। ऐसे में धनराशि खाते में ही भेजी जाएगी।
बढ़ेगा रेवेन्यू
इससे रेवेन्यू बढ़ेगा और विभाग का बकाया बिल आसानी से जमा हो सकेगा। अधिकांश महिलाएं उसी गांव की है और ज्यादातर लोगों को जानती है। - प्रथम गोपाल सिंह, एक्सईएन।