संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सीएचसी पर भर्ती गर्भवती महिलाओं की देखरेख व खानपान में घोर लापरवाही बरती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि कई महिलाओं को रविवार रात पानी पीकर गुजारनी पड़ी। इसकी जानकारी दिए जाने के बावजूद सुबह तक सीएचसी पर तैनात चिकित्सकों व सीएचसी अधीक्षक ने उनका हाल तक नहीं पूछा। इसके बाद तीमारदारों ने घर से लाकर खाना खिलाया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सीएचसी पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को सुबह में दूध-ब्रेड, दोपहर में दाल-रोटी या दलिया, रात में भी दाल-रोटी या दलिया समेत अन्य पौष्टिक आहार दिया जाता है। हालांकि यहां सीएचसी पर तय मेन्यू के मुताबिक सीएचसी पर भर्ती महिलाओं खानपान नहीं दिया जा रहा है। अमर उजाला टीम ने सोमवार को जब सीएचसी पर डिलिवरी के बाद भर्ती महिलाओं का हाल जाना तो कई महिलाओं व उनके तीमारदारों का दुख झलक पड़ा। बतायाकि दो से तीन महिलाओं को रात्रि में खाने के लिए कुछ नहीं दिया गया, मजबूरन उन्हें पानी पीकर ही रात गुजारनी पड़ी।
खाने के लिए पूछा नहीं
हिलवाड़ी गांव निवासी गुलनाज पत्नी जाबिर का कहना था कि वह देर रात सीएचसी में भर्ती हुई, खाने के लिए किसी ने नहीं पूछा। दो-तीन बार सूचना भिजवाई परंतु कोई नतीजा नहीं निकाला, मजबूरन पानी पीकर सो गई।
सुबह में मिली दूध-ब्रेड
बिल्किशा पत्नी मुस्तकीम निवासी बड़ौत ने भी रात पानी पीकर गुजारी। सुबह खाने के नाम पर आधा ग्लास दूध व चार ब्रेड पीस दिए गए।
रोटी-दाल नहीं दी गई
बड़ौली गांव की शाबरीन पत्नी मुजलीम ने बताया कि खाने में खिचड़ी व दूध मिला, रोटी-दाल या दलिया नहीं दिया गया है।
मेन्यू नहीं किया जा रहा पालन
रुकसार पत्नी बिलाल निवासी बड़ौत का कहना है कि सुबह आधा ग्लास दूध, पांच रुपये का बिस्किट व दोपहर में खिचड़ी मिली। आरोप लगाया कि मेन्यू को दरकिनार कर मात्र खिचड़ी, दूध व बिस्किुट दिए जा रहे हैं। मजबूरन घर से खाना लाकर खिलाना पड़ा।
जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी
डिप्टी सीएमओ डॉ. विजय कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। सीएचसी पर आने वाली महिलाओं को दलिया, रोटी, दाल, खिचड़ी आदि दिया जाता है, यदि ऐसा हुआ है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।