कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने खट्टा प्रहलादपुर गांव के युवक पर धोखे से धर्मांतरण कराकर शादी करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि उस पर नमाज पढ़ने व गाय का मीट खाने का दबाव जाता था। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से वह निकल भागी। महिला ने फिर से हिंदू धर्म अपनाने की बात कही है। महिला थाने में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो उसने डीएम के यहां शिकायत की। डीएम के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि वर्ष 2013 में उसके व्हाट्सएप पर एक अंजान नंबर से मिस कॉल आई थी। वापस कॉल करने पर सामने वाले ने अपना नाम कपिल पुत्र लाला खट्टा प्रहलादपुर बताया। इसके बाद दोनों में बात होती रही और दोस्ती हो गई। दिसंबर 2013 में दोनों ने शादी कर ली। कई दिन तक उसे मेरठ में बड़े लाड़-प्यार से रखा गया। उसका करीब तीन वर्ष का बेटा भी है। दो वर्ष पूर्व उसे पता चला कि कपिल का असली नाम कामिल पुत्र रहीमुद्दीन है। जब नाम झूठा बताने का कारण पूछा तो कामिल ने बताया कि उसका नाम भी बदलकर राबिया रख दिया है। इसी नाम से आधार कार्ड भी बनवा लिया है। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए गए। नमाज पढ़ने और मीट खाने का दबाव बनाया जाने लगा। विरोध करने पर मारपीट कर उसे भूखा-प्यासा रखा जाने लगा। ईद के दिन उसे गाय का मीट खाने का मजबूर किया गया। विरोध करने पर फिर से बंधक बनाकर पीटा।
आरोप है कि कामिल ने उसे बताया कि वह एक संगठन से जुड़ा हुआ हूं, जिसका लक्ष्य हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर धोखे से शादी करने व अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने का है। सात जून को कामिल और उसके परिवार वालों ने उसकी हत्या करने का प्रयास किया। किसी तरह वह बेटे को साथ लेकर बागपत पहुंची और महिला थाने में शिकायत की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। महिला का कहना है कि वह अब हिंदू धर्म वापस अपनाएगी।
कोतवाली इंस्पेक्टर एनएस सिरोही ने बताया कि डीएम के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेज दिया गया है। उसके परिवार वालों को तलाश किया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में कोई और व्यक्ति या संगठन भी दोषी मिलेगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।