बड़ौत। जेसीबी मालिक सरकार को प्रतिवर्ष लाखों का चूना लगा रहे हैं, क्योंकि बगैर अनुमति के अवैध मिट्टी और रेत खनन मेें लिप्त जेसीबी मालिकों की नकेल कसने वाला कोई नहीं है। क्षेत्रवासी लगातार इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत कर रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में बगैर अनुमति के जेसीबी से बिना अनुमति के मिट्टी और रेत का खनन हो रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार बिजरौल, हिलवाड़ी, औसिक्का, वाजिदपुर, बाम, बड़ौली, गुराना, टयौढ़ी आदि गांवों में पर शाम होते ही जेसीबी जंगल की तरफ दौड़ने लगी है, वहां पूरी रात खनन का काम चलता है, लोग शिकायत भी करते है, लेकिन अधिकारी चुप्पी साध लेते हैं।
हाल ही मेें बिजरौल गांव के कुछ किसानों ने तहसील में एसडीएम और तहसीलदार को शिकायत की थी कि उनके गांव के जंगल मेें रात में मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है। पूरी रात ट्रैक्टर-ट्रालियां चकरोडों के रास्ते गुजरती है, इससे पूरा रास्ता टूट गया है। इसके बावजूद एक बार भी किसी भी अधिकारी ने वहां पर जाना उचित नहीं समझा। इसे लेकर लोगों मेें अधिकारियों के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
ग्रामीण ब्रजपाल, संदीप, राजेश, धर्मेंद्र, राजवीर, नितिन, अमरपाल, आजाद ने एसडीएम से हस्तक्षेप कर अवैध खनन बंद कराने की मांग की। दूसरी तरफ एसडीएम दीपाली कौशिक ने कहा जल्द ही क्षेत्र में बिना अनुमति के मिट्टी और रेत का खनन करने वाली जेसीबी के मालिकों का चिह्नीकरण करके संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।