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किस काम का नंदन कानन पार्क?

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बागपत-सोनीपत मार्ग स्थित नंनद कानन पार्क में क्षतिग्रस्त हुए झूले - फोटो : BAGHPAT
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- 15 साल पहले नगर के लोगों के लिए बनाया गया था पार्क
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- शहर से दूर होने के कारण पार्क में नहीं पहुंचते हैं नागरिक
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। आबादी से दूर सोनीपत रोड पर बनाए गया नंदन कानन पार्क रख-रखाव न होने के कारण बदहाल हो गया है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से तैयार इस पार्क का 24 सिंतबर 2005 को तत्कालीन केंद्रीय पर्यटन एवं ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री नवाब कोकब हमीद ने उद्घाटन किया था। वर्तमान में पार्क में झाड़ियां उग आई है। झूले टूट चुके हैं। कैंटीन से लेकर पार्क में बनाए गए फव्वारे के चारों और गंदगी अटी हुई है। प्रशासन की अनदेखी से झूले कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। रख-रखाव व सफाई के अभाव में पार्क में लोग सैर-सपाट के लिए नहीं जाते है।
झाड़ियों में छिप गए गेट पर लगे शिलापट
बागपत। गेट पर एक ओर पार्क का नाम तथा दूसरी ओर बागपत के वीर सूपतों के नाम की शिलापट लगाई गई थी। गेट पर दोनों और बड़ी झाड़ियां होने के कारण शिलापट पर शहीदों के नाम और पार्क का नाम दिखाई नहीं देता है।
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बाउंड्री भी होने लगी जर्जर, झूले भी टूटे
बागपत। रख-रखाव के अभाव में पार्क की बाउंड्री जर्जर होने लगी है। पार्क के दूसरी ओर की दीवार टूटी हुई है। पार्क में बनाया गया पक्का तालाब गंदगी से अटा हुआ है। तालाब में बड़ी-बड़ी घास उग आई है। बच्चों के लिए लगाए गए झूले टूट गए है। सफाई न होने के कारण झूलों के आस-पास बड़ी-बड़ी घास उग आई है।
असामाजिक तत्वों का अड्डा बना पार्क
बागपत। नंदन कानन पार्क असामाजिक तत्वों व नशा करने वाले लोगों का अड्डा बन गया है। पार्क में जगह-जगह शराब की बोतलें पड़ी हुई है।
बरसात के मौसम के बाद सफाई कराई जाएगी। पार्क का सुंदरीकरण भी कराया जाएगा। रख-रखाव के लिए जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जाएगा। - हूबलाल, प्रभारी सीडीओ।
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