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कैसी सुनवाई, अब तक नहीं मिला मुआवजा

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बड़ौत की कमलेश जैन ने कहा कि एक-दूसरे पर टाल रहे अधिकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए जिले की महिला की भूमि का अधिग्रहण किया गया। पांच साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला। पीड़िता का कहना है कि कई बार जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अधिकारी एक-दूसरे के विभाग पर बात टाल देते हैं।
बड़ौत निवासी महिला कमलेश जैन का कहना है कि मेरठ के पांचली खुर्द में उनकी कुछ जमीन थी, जिसे फ्रेट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत किया गया। पांच साल बाद भी मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने इस प्रकरण को जनसुनवाई पोर्टल पर अपलोड किया। अधिकारियों ने उनकी समस्या का निस्तारण नहीं किया। कभी किसी पटल तो कभी किसी विभाग की समस्या बताकर पल्ला झाड़ा जा रहा है। पीड़िता का कहना है कि जनसुनवाई पोर्टल पर उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल सका है।
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पुलिस जांच नहीं करती, लगाती है रिपोर्ट
बागपत। लूंब गांव निवासी दिनेश कुमार का कहना है कि उसका भाई उमेश चौहान यूपी पुलिस में सिपाही था। उसका शव नहर में पड़ा मिला था। पुलिस अब तक मामले का खुलासा नहीं कर सकी। जनसुनवाई पोर्टल पर बार-बार रिपोर्ट लगा दी जाती है, लेकिन अभी तक उनका पक्ष नहीं सुना गया।
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