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घूंघट में है तो क्या हुआ, वोट का अधिकार तो जानती है

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बागपत के सिसाना गांव में वोट डालने के लिए लाइन में लगी महिलाएं - फोटो : BAGHPAT
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महिलाएं बोली, घूंघट मजबूरी नहीं परंपरा का निर्वाह
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बड़ौत। घूंघट करने की परंपराओं में बंधी महिलाओं ने भी सोमवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान में बढ़चढ़ कर भाग लिया। उन्होंने कहा कि वोट के अधिकार के प्रति वह भी जागरूक है। इसलिए घर से बाहर निकलकर लंबे-लंबे घूंघट मेें भी लोकतंत्र के महायज्ञ में वोट की आहुति डाली।
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किशनपुर बिराल गांव के मतदान केन्द्र पर पहुंची महिलाओं मेें सुनीता, बबीता, रेखा, मोनिका, राजकली, ओमवती ने कहा कि भले ही वह घूंघट में रहती है, लेकिन वोट से बदलने वाले गांव के भाग्य के प्रति जागरूक है। उन्हें पता है कि उनका वोट उनके अधिकारों की रक्षा करने वाली गांव की सरकार चुनने के लिए जरूरी है। रहीं घूंघट की बात तो वह उनकी मजबूरी नहीं, बल्कि परंपरा का निर्वाह है, जो वो करती है। पहले घूंघट निकालना उनकी मजबूरी हुआ करती थी, लेकिन अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है। अपनी मर्जी से ही मतदान कर रही है।
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