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प्रभु की भक्ति से ही कल्याण संभव : त्रयंबकेश्वर महाराज

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अमीनगर सराय में यज्ञशाला में मौजूद श्रद्घालु - फोटो : BAGHPAT
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आयुतर्द्ध महाचंडी महायज्ञ और श्रीमद्देवी भागवत कथा पुराण का तीसरा दिन
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय। कस्बे में चल रहे सनातन संस्कृति के दिव्य अलौकिक आयुतर्द्ध महाचंडी महायज्ञ और श्रीमद्देवी भागवत कथा पुराण के तीसरे दिन आचार्य ने श्री गणेश पूजन के बाद शतचंडी पाठ कराया। त्रयंबकेश्वर महाराज ने कहा कि सांसारिक मोह माया से बंधन से मुक्त होकर ईश्वर की भक्ति करने से ही मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है।
सोमवार को आचार्य ने यजमानों को गणेश पूजन कराकर वैदिक मंत्रोच्चारण से श्री शतचंडी पाठ कराया। पूजन के उपरांत धर्मसभा हुई। त्रयंबकेश्वर चैतन्य महाराज ने कहा कि सांसारिक मोह माया के बंधन से मुक्त होकर प्रभु की आराधना करने से ही कल्याण संभव है। उन्होंने नारद मुनि व सुखदेव जी के बारे में बताया। कहा कि संसार में चार प्रकार के जीवन का उल्लेख किया गया है। इसमें बाल्यकाल, युवावस्था, गृहस्थ व संयासी जीवन बताया गया है। अपने जीवन में सही समय पर गृहस्थ जीवन का निर्वहन करते हुए व्यवहारिक, सांसारिक, व्यापारिक व सामाजिक दायित्व अपने उत्तराधिकारी को सौंपकर संत, महात्माओं की शरण लेकर प्रभु भक्ति में लीन होने से ही मानव का कल्याण हो सकता है। संसार में जीवन और सुख का परित्याग भी जरूरी है, क्योंकि वैकुंठ प्राप्त करने के लिए श्रीराम नाम का सहारा लेना पड़ता है। सही समय पर स्वयं को भक्ति में लीन करने से मोक्ष की प्राप्ति का रास्ता प्रशस्त होता है।
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शाम के समय भव्य काशी आरती हुई। इसमें श्रद्धालुओं, संत महात्माओं और आचार्यों ने भाग लिया। आरती के उपरांत श्रद्धालुओं ने मध्य रात्रि तक यज्ञशाला के चारों ओर परिक्रमा कर पुण्यलाभ कमाया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल के साथ जगह-जगह पीएसी तैनात की गई है।
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