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स्वार्थ के संस्कारों को त्यागना चाहिए : प्रीतम

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फोटो संख्या 8
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर की रामबाग कॉलोनी में बृहस्पतिवार को नववर्ष के अवसर पर यज्ञ किया गया। जहां प्रीतम सिंह आर्य ने कहा कि वैदिक विचारधारा सिखाती है कि समय अखंड है। असली उत्सव तब है, जब हमारे अंदर नूतनता संस्कारों के माध्यम से आए। स्वार्थ के संस्कारों को अपनाने की जगह त्यागना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि वेदों के अनुसार ईश्वरीय व्यवस्था में नववर्ष चैत्र माह से प्रांरभ होता है। जैसे हम यज्ञ की अग्नि को समिधा से प्रज्ज्वलित करते हैं, उसी तरह से हमें अपने आत्मिक ज्ञान को भी प्रज्ज्वलित करना चाहिए। मनुष्य का जन्म संस्कारों से होता है। संसार का उपकार करना इस समाज का मुख्य उद्देश्य है। हमें अपने विचारों की शुद्धि पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नया वर्ष तभी सार्थक होगा जब हम स्वार्थ के संस्कारों को त्याग कर परमार्थ के संसार को अपनाएंगे। इस मौके पर अशोक कुमार, डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. हरपाल सिंह, हरवीर सिंह, बेगराज सिंह, ओमेन्द्र चौधरी, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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