बागपत/रटौल। क्षेत्र के काफी युवा आईटीआई कर कंप्यूटर, इलेक्ट्रीशियन, फीटर आदि में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे हैं, लेकिन खट्टा प्रहलादपुर गांव में आईटीआई कॉलेज शुरू नहीं होने से सपना टूटता नजर आ रहा है। इसके लिए उन्हें दिल्ली, गाजियाबाद व मेरठ में दाखिला लेने के लिए दौड़ लगानी पड़ेगी। युवाओं व लोगों ने जल्द ही प्रशासन से कॉलेज को चालू करवाने की मांग की।
खट्टा प्रहलादपुर गांव में युवाओं को व्यावसायिक शिक्षा देने के लिए प्रदेश सरकार ने आईटीआई कॉलेज का निर्माण कराया था। जिले में सिर्फ खेकड़ा में ही सरकारी आईटीआई कॉलेज है और इसके अलावा अन्य कोई आईटीआई कॉलेज नहीं है। युवाओं को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट करने के बाद व्यावसायिक शिक्षा में भविष्य बनाने के लिए मेरठ, दिल्ली व गाजियाबाद जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें घर छोड़ना पड़ता है और बजट भी अधिक खर्च होता है। या फिर उन्हें बीए, बीसीए, बीबीए आदि कोर्स कर रोजगार की तलाश में भटकना पड़ता है। युवाओं व लोगों का कहना है कि यदि गांव में आईटीआई कॉलेज शुरू हो जाए तो युवाओं को आईटीआई की शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और परिजन भी बच्चों का ध्यान रख सकेंगे।
- गांव में आईटीआई कॉलेज शुरू नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि नए सत्र से पहले कॉलेज शुरू नहीं हुआ तो मोदीनगर या गाजियाबाद में जाकर आईटीआई के लिए दाखिला लेना पड़ेगा। -आस मोहम्मद उर्फ बादाम, खट्टा प्रहलादपुर
-इंटर करने के बाद आईटीआई में दाखिला लेने चाहती हूं और कंप्यूटर में आईटीआई करने के बाद कंपनी में नौकरी कर भविष्य बनाने का सपना है। गांव में कॉलेज शुरू होने से दूसरे जनपदों में नहीं जाना पड़ेगा। -खुशी, खट्टा प्रहलादपुर
- बेटे व भतीजे को आईटीआई कराना चाहते हैं, लेकिन गांव में काॅलेज शुरू नहीं होने के कारण बच्चाें को दिल्ली व गाजियाबाद में आईटीआई कराने के लिए भेजना पड़ेगा। -आशाराम, खट्टा प्रहलादपुर
- आईटीआई कॉलेज का निर्माण होने से गांव के युवाओं को बहुत खुशी हुई थी, लेकिन काॅलेज शुरू नहीं होने से अब उन्हें निराशा मिल रही है। प्रशासन को जल्द ही शुरू करवाना चाहिए। -नीटू रावत, खट्टा प्रहलादपुर
वर्जन
- खट्टा प्रहलादपुर गांव में आईटीआई कॉलेज को शुरू करने की प्रक्रिया कराई जा रही है और नए सत्र से इसको चालू कराने का प्रयास किया जाएगा। -प्रवेज खान, प्राचार्य, आईटीआई खेकड़ा