तड़पता रहा घायल, नही ली किसी ने सुध: बेशक सरकार नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रही हो, ले?
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बागपत। सूप गांव में आजमगढ़ के युवक को मजदूरी मांगना महंगा पड़ गया। खेत में दिन रात मेहनत करने के बाद अपनी छह माह की मजदूरी मांगी तो उसको दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। लाठी डंडों से प्रहार कर पैर तोड़ दिया। बाद में गांव से बाहर फेंक दिया। पीड़ित ने पुलिस ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
जिला अस्पताल पहुंचे पीड़ित अनिल पुत्र लालचंद ने बताया कि वह आजमगढ़ का रहने वाला है। छह माह पूर्व सूप गांव का एक ग्रामीण खेतों में काम करने के लिए उसे मजदूरी पर गांव में लाया । शनिवार की दोपहर जब उसने घर पर जाने की इच्छा जताई और मजदूरी के रुपये मांगे तो वह आक्रोशित हो गया। उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इतना ही नहीं ग्रामीण ने लाठी-डंडों से उसके पैर पर वार कर उसका पैर भी तोड़ दिया और गांव के बाहर फेंक दिया। वहां से गुजर रहे लोगों ने घायल को जिला अस्पताल तक पहुंचा। वहां पर उसके पैर पर प्लास्टर किया। शनिवार को अनिल जिला अस्पताल के गेट पर जमीन पर पड़ा था। पीड़ित ने कहा कि अस्पताल में भी चिकित्सकों ने सही प्रकार से उपचार नहीं किया है। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह ने कहा आरोप गलत हैं। घायल का सही प्रकार से उपचार किया।