बड़ौत। क्षेत्र के लोयन गांव के ग्रामीण बृहस्पतिवार को ब्लाक मुख्यालय पर पहुंचे और गांव के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान पर फर्जी तरीके से अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनवाकर गलत ढंग से चुनाव लड़ने और चुनाव जीतने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान बीडीओ के न मिलने पर ग्रामीणों ने तहसील में एसडीएम से शिकायत की। बाद में ग्रामीणों ने डीएम को भी पत्र भेजकर उक्त प्रकरण में गंभीरता से जांच कराकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
गांव की पूनम देवी के नेतृत्व में काफी संख्या में ग्रामीण ब्लाक पर पहुंचे और हंगामा किया। उनका कहना था कि जनपद में कोरी जाति निवास नहीं करती है, इसके बाद भी गांव के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान संत कुमार ने फर्जी तरीके से कोरी समाज जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर प्रधान पद का चुनाव लड़ा और चुनाव जीत गए, जबकि नवनिर्वाचित प्रधान संत कुमार की जाति हिंदू जुलाहा है, जो पिछड़ी जाति में आती है।
आरोप लगाया कि जो कोरी जाति का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाया गया है, वह फर्जी है। ऐसा करके नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान संत कुमार ने अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों का हनन किया है और आरक्षण का फर्जी तरीके से लाभ लिया है। उसने प्रकरण की गंभीरता से जांच कराकर जल्द से जल्द आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
बीडीओ बोले
बड़ौत। बीडीओ राहुल वर्मा ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। उक्त जाति प्रमाण पत्र की जांच तहसील स्तर से ही संभव है। यदि जांच में जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया जाता है तो फर्जीवाडा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
एसडीएम बोले
बड़ौत। एसडीएम दुर्गेश मिश्र ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाएगी। जांच में यदि जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया जाता है तो निश्चित रूप से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नवनिर्वाचित प्रधान बोले
बड़ौत। क्षेत्र के लोयन गांव के नवनिर्वाचित प्रधान संत कुमार ने बताया कि विपक्ष द्वारा झूठी अफवाहें फैलाई जा रही है। सभी आरोप निराधार हैं। आपसी रंजिश के चलते गांव में पार्टीबाजी के हिसाब से शिकायत की गई है।