गौशाला में लगातार हो रही पशुओं की मौत, ग्रामीणों में रोष
बड़ौत (बागपत)। धनौरा सिल्वरनगर गांव में तैयार की गई गौशाला में गोवंशीय पशुओं की जान पर बन आई है। बीमार पशुओं की मौत हो रही है। इसके अलावा गौशाला में कीचड़ में धंसकर भी पशु मर रहे हैं। पिछले एक माह में करीब 40 पशुओं की मौत हो चुकी है। वहीं ग्रामीणों का कहना है बीमार गोवंशों को कुत्ते नोचकर खा रहे हैं।
धनौरा सिल्वरनगर गांव में दो माह पहले गौशाला का निर्माण कराया गया था। नवनिर्मित गौशाला पर करीब 15 लाख रुपये ग्राम पंचायत निधि से खर्च किए गए। टीन शेड, सबमर्सिबल और चारे की व्यवस्था की गई। पशु अधिक हो जाने के कारण सरकारी अस्पताल की दीवार तोड़कर व्यवस्था की गई। बीमारी और बरसात का सीजन शुरू होते ही करीब 40 पशुओं की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पशुओं को गांव के नजदीक से होकर गुजर रही नहर में फेंक दिया जाता है। मिट्टी में नहीं दबाया जाता। गांव के पशु अस्पताल में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. निशांत का कहना है कि कीचड़ और बीमारी से पशुओं की मौत हुई है। खड़ंजा लगवाने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में गौशाला में 155 पशु हैं।
वायरल वीडियो में दिख रही दुर्गति
गौशाला के अंदर का बताया जा रहा एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें गौशाला के अंदर एक साथ कई गोवंश मृत पड़े हुए थे। एक मृत गोवंश को कुत्ता नोचकर खा रहा था। जबकि एक गोवंश खोर में और दूसरा कीचड़ में मृत पड़ा हुआ था।
ग्रामीण बोले, बीमार गोवंश को नोचकर खा रहे कुत्ते
ग्रामीण हरवीर, जितेन्द्र, सुबोध, मांगेराम, संदीप, वेदप्रकाश का कहना है कि गौशाला में गाय को ठंड और बरसात से बचने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। बीमार गाय जो चल नहीं पाती हैं, उनको देखरेख के अभाव में आवारा कुत्ते घेरकर नोच-नोच कर खा जाते हैं।
कमेटी ने किया देख-रेख का दावा
गौशाला कमेटी के सदस्य विनोद का कहना है कि गोवंशों की देखरेख में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। जो चंदा एकत्रित कर ग्रामीणों ने दिया था, उससे गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा दिया जा रहा है।
मामला मेरे संज्ञान में मामला नहीं था। गौशाला का निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
- डा. खुशीराम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी