बागपत। ग्राम सचिव व डीपीआरओ के विवाद में जिला पंचायत राज विभाग के वरिष्ठ सहायक पर गाज गिर गई। डीपीआरओ गाजियाबाद ने उन्हें निलंबित कर मेरठ उपनिदेशक पंचायत के कार्यालय से संबद्ध कर दिया। इसके साथ ही मामले की जांच जिला कृषि अधिकारी गाजियाबाद को सौंपकर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। जिससे उसके आधार पर कार्रवाई की जा सके।
ग्राम सचिवों ने डीपीआरओ व वरिष्ठ सहायक शफीक अहमद पर रुपये मांगने तथा बिन कारण उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए विकास भवन में धरना शुरू कर दिया था। ग्राम सचिवों ने डीपीआरओ व वरिष्ठ सहायक को निलंबित कर अन्य जिले में भेजने की मांग रखी थी। ग्राम सचिवों का धरना 17 दिन तक चलने के कारण गांवों के विकास कार्य ठप हो गए थे। जिसमें बृहस्पतिवार को डीएम व बड़ौत विधायक ने वरिष्ठ सहायक पर कार्रवाई करने के साथ ही डीपीआरओ का तबादला कराने का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया था। इस मामले में गाजियाबाद डीपीआरओ ने वरिष्ठ सहायक शफीक अहमद को निलंबित कर दिया है और उप निदेशक पंचायत मेरठ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। इसके साथ ही चेतावनी दी कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक वह बिना बताए मुख्यालय नहीं छोडे़ंगे। इसका उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जांच जिला कृषि अधिकारी गाजियाबाद को सौंपी है। वहीं, ग्राम सचिवों की समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष प्रमोद शर्मा का कहना है कि उनकी पहली मांग पूरी हो गई है और अब डीपीआरओ पर कार्रवाई का इंतजार है।