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जानलेवा बुखार की चपेट में बसी गांव

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एक सप्ताह में 11 लोगों की मौत, मृतकों का गांव में चल रहा था उपचार
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जिले में एक सप्ताह में ही बुखार से 22 लोगों की हो चुकी मौत
शशी धामा
खेकड़ा (बागपत)। बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच जिले में बुखार ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। अकेले बसी गांव में ही जानलेवा बुखार से एक सप्ताह में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार से पीड़ित इन सभी लोगों का गांव में ही उपचार चल रहा था। इससे गांव में दहशत का माहौल है। आरोप है कि जानकारी देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची।
कोरोना संक्रमण के साथ जिले में जानलेवा बुखार भी पैर पसार रहा है। एक सप्ताह में ही जिले में बुखार से 22 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 11 लोग अकेले बसी गांव के हैं। बुखार से लगातार हो रही मौत से ग्रामीण भयभीत है। ग्रामीणों का कहना है कि बुखार से मरने वाले महिला व पुरुषों का गांव में ही उपचार चल रहा था, केवल एक महिला अमरेश की मेरठ में उपचार के दौरान मौत हुई है। उन्होंने गांव में कैंप लगाकर मरीजों का उपचार कराने की मांग की है। संवाद
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बुखार से गांव में कब-कब हुई मौत
बसी गांव में जानलेवा बुखार से 18 अप्रैल को कटारी पत्नी महक सिंह, महावीर कश्यप, 20 अप्रैल को 70 वर्षीय एक महिला, 21 अप्रैल को रणबीरी (72) पत्नी सिरदारे, 22 अप्रैल को लच्छो (68) पत्नी शीशपाल, अमरेश (60) पत्नी यशपाल, 23 अप्रैल को धर्मवीर (69) पुत्र हुकम, दिलावर की 65 वर्षीय पत्नी, करतारी (67) पत्नी राज सिंह प्रजापत, सेवानिवृत्त कैप्टन जगमेहर के अलावा धर्मपाल की 55 वर्षीय पत्नी का मौत हो चुकी है। धर्मवीर का निधन हृदय गति रुकने से मौत हुई जबकि कैप्टन जगमेहर का दो वर्ष से चल रही बीमारी के कारण निधन हुआ।
कोई घर नहीं बचा, जहां बुखार के मरीज नहीं
ग्रामीण राजेश नैन ने बताया कि बसी गांव में ऐसा कोई घर नहीं बचा है, जहां बुखार के मरीज ना हों। ज्यादातर लोग गांव में ही अपना इलाज करा रहे हैं। आरोप है कि ग्रामीणों की ओर से स्वास्थ्य विभाग को सूचना भी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष है।
फतेहपुर गांव में भी घर-घर में बुखार के मरीज
फतेहपुर गांव में भी बुखार के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। ग्रामीण प्रशांत ने बताया है कि लगभग हर घर में बुखार के मरीज हैं। इनमें से ज्यादातर को टाइफाइड बताया जा रहा है। ज्यादातर ग्रामीण अपना उपचार गांव में ही करा रहे हैं।
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बुखार से मरने वाले सभी लोग गांव में ही उपचार करा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी गई। इतनी बड़ी संख्या में मौत का कारण जानने के लिए गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाएगी। संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजर का छिड़काव कराया जाएगा और कैंप लगाकर लोगों की जांच कर दवाइयां वितरित की जाएगी। - डॉ. ताहिर, खेकड़ा सीएचसी प्रभारी।
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