घर के हर सदस्य की लाडली थी गाय
गांव के देवेंद्र शर्मा के परिवार ने गौरी को पूरे सम्मान के साथ विदाई दी। गौरी पिछले 24 वर्षों से परिवार के साथ थी और घर के हर सदस्य की प्यारी बन गई थी।
देवेंद्र शर्मा के बड़े बेटे अमित शर्मा ने बताया कि गौरी ने तीन पीढ़ियों को अपने दूध से पाला। उसके रहते घर में कभी दूध और घी की कमी नहीं हुई। परिवार के लिए वह सिर्फ पशु नहीं बल्कि घर की सदस्य की तरह थी।
अंतिम यात्रा में बजे ढोल नगाड़े, बरसे फूल
गौरी की अंतिम यात्रा के लिए उसकी अर्थी को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया। जैसे ही अंतिम यात्रा मुकुंदपुर गांव की गलियों से गुजरी, ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी।
गांव के लोगों ने कहा कि गौरी ने वर्षों तक परिवार और गांव की सेवा की, इसलिए उसे सम्मान के साथ विदाई देना सभी का कर्तव्य था। इस भावुक पल में कई ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।