बिनौली (बागपत)। धनौरा सिल्वरनगर के विकास राणा कंबोडिया में डाटा एंट्री ऑपरेटर बनने के लिए गए थे, लेकिन वहां पर साइबर ठगों के जाल में फंस गए। वहां पर विकास राणा से साइबर अपराध की घटनाएं कराईं। कंबोडिया से वापस आने के बाद विकास राणा ने पुलिसकर्मियों को आपबीती बताई।
धनौरा सिल्वरनगर गांव निवासी डोली ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि उसके पति विकास राणा खेती करते थे। विकास राणा 17 जुलाई को घर से थाईलैंड में नौकरी करने जाने की बात कहकर गए थे। दस दिन बाद उसके पति ने फोन करके बताया कि कंपनी ने उन्हें नौकरी के लिए कंबोडिया भेज दिया, जबकि अमित को किसी दूसरी जगह भेजा गया। 14 अक्तूबर को फोन करके कंबोडिया में पासपोर्ट छीनकर बंधक बनाने और साइबर ठगी यातनाएं देने के बारे में बताया। इसमें एसपी सूरज कुमार राय ने साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ को पत्र भेजकर पूरे मामले के बारे में बताया। इसके बाद इंडियन साइबर क्राइम कमांड सेंटर और विदेश मंत्रालय में पत्र भेजकर पूरी स्थिति से अवगत कराया। घर पहुंचे विकास राणा ने बताया कि कंबोडिया में कई देशों से युवकों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। जब भी उन्होंने घर आने की बात कही तो वहां पर यातनाएं दी गईं। एसपी का कहना है कि विदेशों में अच्छा वेतन, वीजा फ्री देने समेत अन्य प्रलोभन देने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे एजेंटों की जानकारी भी पुलिस को देने की अपील की।