नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ किया प्रदर्शन
बागपत में जुमे की नमाज के बाद जमीयत के साथ सैकड़ों लोगों ने किया विरोध-प्रदर्शन
पुलिस ने नहीं निकलने दिया जुलूस, लोगों को समझाकर करा दिया शांत
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। जमीयत उलेमा ए हिंद के पदाधिकारियों और मुस्लिम समाज के लोगों ने जुमे की नमाज के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक का काली पट्टी बांधकर विरोध किया। जुलूस निकाला, जिसे पुलिस ने रोक दिया। लोगों ने कहा कि विधेयक में दोहरा मापदंड अपनाया गया है। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। सुनवाई नहीं हुई तो फिर विरोध किया जाएगा।
पुराना कस्बा स्थित मदरसा अनवार-उल-कुरान के बाहर जमीयत उलेमा ए हिंद के पदाधिकारी और मुस्लिम समाज के सैकड़ोें लोग एकत्र हुए। पालिकाध्यक्ष राजूद्दीन एडवोकेट ने कहा कि सरकार संविधान का मजाक बना रही है। लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं। हमारा देश हर धर्म-जाति के लोगों से ही चलता है। अगर किसी भी एक वर्ग को अलग कर दिया जाए, तो इससे देश का नुकसान होगा। रालोद नेता नवाब अहमद हमीद ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल देश के लोगों को धर्म के आधार पर बांटने वाला है। इसमें मुस्लिम समाज के लोगों को पराया साबित किया गया है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिल से देश के मुस्लिम अपने ही घर में गैर बन जाएंगे। सरकार को मुस्लिम पक्ष के लोगों की बात सुननी चाहिए। मदरसे के बाहर एकत्र लोगों के बीच पहुंचे एसडीएम पुलकित गर्ग को शहर काजी कारी हबीबुर्रहमान, चेयरमैन राजूद्दीन एडवोकेट, जमियत उलमा ए हिन्द के जिला महासचिव हाफिज कासिम सिद्दीकी, नवाब अहमद हमीद आदि ने ज्ञापन सौंपा।
बिल को वापस ले सरकार : शहर काजी
शहर काजी कारी हबीबुर्रहमान ने कहा कि हमारा देश गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल है। विरोध सिर्फ बिल का और सरकार के फैसले का है। यहां सदियों से हर धर्म जाति के लोग एक साथ रहते हुए आए हैं, लेकिन सरकार ने बिल के जरिये मुस्लिम समाज को गैर साबित किया है। यह गलत बात है।
जुलूस निकालने से रोका, तैनात रही पुलिस
सुबह से ही मदरसे के बाहर भीड़ जमा होनी शुरू हो गई थी। जमीयत ने एक दिन पहले कहा था कि जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट तक जाएंगे, लेकिन पुलिस ने लोगों से जुलूस नहीं निकालने की अपील की। इस दौरान मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों के समझाने पर जुलूस नहीं निकाला गया। इस दौरान डा. नईम कासमी, हाफिज मुजफ्फर, कारी साजिद, हाफिज जुबैर, मौलाना दिलशाद, हाजी यासीन, कारी कामिल, मौलाना खुश मौहम्मद, हाफिज फहीम, सुहेल हुसैन आदि मौजूद रहे।
संविधान के खिलाफ बिल
अग्रवाल मंडी टटीरी। मौलवी जहीर अहमद ने कहा कि बिल संविधान के खिलाफ है। इसे वापस लिया जाना चाहिए। टटीरी में जुमे की नमाज से पहले उन्होंने कहा कि धर्मों के आधार पर लोगों को बांटा जा रहा है। यह नहीं होना चाहिए।