संस्कृति, शिक्षा, संस्कार व सभ्यता का मूल है वेद
अग्रवाल मंडी टटीरी। बसा टीकरी गांव में यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा राकेश कुमार आर्य ने कहा कि यज्ञ संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। वैदिक-संस्कृति सत्य सनातन है और वेद को अनादि अथवा ईश्वरीय माना गया है।
आज के युग में मर्यादा का अभाव है। यही कारण है कि कालान्तर से आज तक वैदिक-संस्कृति ने अपने अस्तित्व को बनाए रखा है। एडवोकेट मनोज आर्य ने कहा कि देश की प्रथम जाति आर्य थी। वैदिक-संस्कृति को विश्व पटल पर आज भी सम्मानित दृष्टि से देखा जाता है। एडवोकेट सोनिया चौधरी ने कहा कि वेद सारे विश्व की संस्कृति, शिक्षा, संस्कार व सभ्यता का मूल है। संस्कृति, शिक्षा, संस्कार, सभ्यता आदि शब्द धर्म शब्द के विस्तार प्रतीत होते हैं। बबीता सिसोदिया, अनिल गाधी, प्रियंका आर्या, नीरज राजपूत, लता सिसोदिया, मनजीत कौर, मिथलेश देवी, सुमन देवी, गौरव सिसोदिया, सपना सिसोदिया, आयुषी कुशवाहा, कनिष्का आर्य, खुशी, अंजू आदि उपस्थित रहे।