बागपत। संसद के शीतकालीन सत्र में सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने वंदे मातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूर्ण होने पर विचार व्यक्ति किए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम हमारा गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता और एकता का प्रतीक है।
सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि वंदे मातरम हमारा प्रेरणास्रोत है। यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हमारे संघर्ष और समर्पण का प्रतीक रहा है। वंदे मातरम गीत की भावना को अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से गीत से प्रेरणा लेकर देश को सशक्त करने की अपील की। वंदे मातरम को उन्होंने भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया।