विश्व शौचालय दिवस
गांव खड़खड़ी में स्वच्छता अभियान को लग रहा पलीता
पानी की सुविधा नहीं, कई साल से लटक रहा ताला, खुले में शौच जाने को मजबूर ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। ब्लॉक बड़ौत का गांव खड़खड़ी, जिसे ओडीएफ (ओपन डेफिकेशन फ्री) यानि खुले से शौच मुक्त का तमगा मिला हुआ है। मगर, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। गांव के आधे से अधिक घरों में शौचालय या तो अधूरे पड़े हैं या फिर बने ही नहीं है। कुछ शौचालय मेें उप्पले भरे हुए है और बहुतों मेें ताले लटके हुए है। मजबूरन ग्रामीणों को खुले मेें ही शौच जाना पड़ रहा है।
गांव खड़खड़ी में वर्ष 2016-2017 में करीब 80 परिवारों के यहां शौचालय का निर्माण कराया गया था। इसके बाद ग्राम पंचायत को ओडीएफ का तमगा दे दिया गया। मगर, जमीनी हकीकत कुछ और है। ग्रामीण कल्लू ने बताया उसके घर में अब तक शौचालय नहीं बनाया गया है। आज भी कई लोग शौच के लिए बाहर जा रहे हैं। ग्रामीण तेजपाल ने कहा गांव में शौचालय के नाम से काफी गड़बड़ी की गई है। शौचालय के नाम पर जितनी राशि आई थी, उतनी धनराशि लाभार्थियों को नहीं दी गई। इस कारण बहुत से शौचालय आज भी अधूरे पडे़ हुए है, मजबूरन ग्रामीणों ने उनमेें उप्पल भरे दिए। ग्रामीण वीरसैन के शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो मजबूरन उसने शौचालय को ताला लगा दिया।
अगर ऐसा है तो यह गंभीर मामला है, इसकी जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भेजी जाएगी। - राहुल वर्मा, बीडीओ।
गत एक वर्ष पूर्व ही उनकी गांव में तैनाती हुई है। वर्ष 2016-2017 में शौचालय निर्माण में क्या गड़बड़ी हुई, इसकी जानकारी नहीं है। जांच के बाद ही गड़बड़ी सामने आएगी। - दीपा मलिक, ग्राम सचिव।
कई अन्य गांवों का भी यही हाल
यह एक ग्राम पंचायत का हाल नहीं है, बल्कि हिलवाड़ी, बावली, लुहारी सहित अन्य कई गांवों का भी यही हाल है।