बिनौली। बिनौली में बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर एक सप्ताह बाद यूरिया की गाड़ी आई तो दस गांवों के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली व बाइकों को लेकर यूरिया लेने के लिए दौड़ पड़े। वहां काफी लंबी लाइन लग गई और यूरिया दोबारा से खत्म होने पर कई घंटे इंतजार करने के बाद काफी किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों ने यूरिया नहीं मिलने पर रोष जताया। अब सोमवार को दोबारा गाड़ी आने पर किसानों को यूरिया मिलने की उम्मीद है।
बिनौली में बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति से दस गांवों बिनौली, जिवाना, माल माजरा, दादरी, पिचोकरा, शेखपुरा, गढ़ीदुल्ला मुकीमपुरा, सिरसलगढ़, दरकावदा के किसान जुड़े हैं। यहां 27 मार्च को यूरिया की गाड़ी आई थी, जो तभी खत्म हो गई थी। एक सप्ताह से किसान यूरिया आने का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार की शाम को यूरिया की एक गाड़ी आई और शनिवार को यूरिया आने की सूचना किसानों को दी गई। सूचना मिलते ही शनिवार की सुबह दो सौ से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली, बुग्गी व बाइकों से यूरिया लेने के लिए समिति पर पहुंच गए। यूरिया लेने के लिए काफी लंबी लाइन लग गई और किसान दोपहर तीन बजे तक लाइन में लगे रहे। किसानों की भीड़ के कारण कर्मचारियों को बीच में काम भी बंद करना पड़ा। बाद में किसानों को समझाकर लाइन में लगाया, लेकिन काफी संख्या में किसान यूरिया मिलने से वंचित रह गए। इससे किसानों में रोष फैल गया। किसानों को खाली हाथ समिति से वापस लौटना पड़ा। अब सोमवार को उन्हें गाड़ी आने पर ही यूरिया मिलने की उम्मीद है।
समिति पर समय से नहीं आता है यूरिया किसान
किसान हरेंद्र सोलंकी, संजय कुमार, जितेंद्र उज्ज्वल, प्रमोद, नगेंद्र, अरविंद, विनय धामा, देवेंद्र सिंह, अनिल आदि ने बताया कि समिति पर समय से यूरिया नहीं आने के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार समिति के प्रबंध निदेशक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि जल्द ही किसानों को यूरिया नहीं मिला तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
किसान स्टॉक न लगाएं: इंदु सिंह
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक इंदु सिंह ने किसानों से कहा कि वह जरूरत के हिसाब से यूरिया लें और स्टॉक न लगाएं। किसी भी किसान को यूरिया के लिए परेशानी नहीं होगी और समिति पर जल्द ही यूरिया भेजा जाएगा। इसके लिए सभी समितियों से ब्योरा लिया जा रहा है और किसानों से भी समिति का सहयोग करने की अपील की।
वर्जन
यूरिया की एक गाड़ी थी, जो खत्म हो गई। जिन किसानों को यूरिया नहीं मिला है उन्हें सोमवार को दिया जाएगा। किसानों की अधिक भीड़ होने के कारण यूरिया कम रह गया। संजय कुमार, प्रबंध निदेशक बिनौली