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ट्रक से कुचलकर हुई अधिवक्ता की मौत पर हंगामा

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हादसे से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने शव को हाईवे पर रखकर लगाया जाम, पुलिस ने नोकझोंक
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एडीएम और एएसपी से ढाई घंटे चली वार्ता के बाद ही उठने दिया गया शव
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। तहसील से लौट रहे अधिवक्ता को दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर लोहे से लदे ट्रक चालक ने कुचल दिया। अधिवक्ता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी चालक ट्रक को छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंचे अधिवक्ताओं ने शव को हाईवे पर रखकर जमा लगा दिया। पुलिस ने अधिवक्ताओं की नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंचे, लेकिन अधिवक्ता मृतक के परिवार को आर्थिक मदद दिलाने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग पर अड़े रहे। ढाई घंटे चली वार्ता के बाद अधिवक्ताओं ने शव को उठने दिया।
मृतक अधिवक्ता कुलदीप खोखर (36) पुत्र बाबूराम छपरौली कस्बे के रहने वाले थे। वे रेवेन्यू बार एसोसिएशन में सह सचिव पद पर मनोनीत थे। बुुधवार की अपराह्न साढ़े तीन बजे तहसील का काम पूरा कर वे बाइक से घर जा रहे थे। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर तहसील गेट के सामने लोहे से लदे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी चालक ट्रक को छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंचे अधिवक्ता शव को हाईवे पर रखकर जमा लगा दिया। पुलिस से उनकी नोकझोंक हुई। एसडीएम सुभाष सिंह, सीओ आलोक कुमार व कोतवाली प्रभारी रवि रत्न सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। मगर, अधिवक्ता मृतक के परिवार को आर्थिक मदद दिलाने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे गए। मामला बढ़ता देख सूचना पर एडीएम अमित कुमार, एएसपी मनीष मिश्र उनके बीच पहुंचे। तकरीबन ढाई घंटे तक चली वार्ता के बाद आश्वासन मिलने पर अधिवक्ताओं ने हाईवे से शव को उठाया। इसके बाद आवागमन सुचारु हो सका। सीओ आलोक कुमार का कहना है कि मृतक अधिवक्ता के परिजन की तहरीर पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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परिजनों में मचा कोहराम
अधिवक्ता कुलदीप खोखर की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक दो भाई थे। बड़े भाई बिल्लू खेेती करते है। मृतक की पत्नी मंजू, 12 वर्षीय बेटी लक्की और चार साल के बेटे सिद्धार्थ का रोते हुए बुरा हाल हो रहा था। पिता बाबूराम बेेटे की मौत से गमगीन थे।
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बड़ौली तक लगा जाम, वाहन चालक रहे परेशान
अधिवक्ता की मौत के बाद लगाए गए जाम से वाहन चालकों की हाईवे पर दोनों ओर लंबी-लंबी कतारें लग गई। इससे बड़ौली तक लंबा जाम लगा गया। इस दौरान पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहनों को पूर्वी यमुना नहर की पटरी से निकलवाया। जाम इतना भीषण था कि बड़ौत-छपरौली मार्ग, बड़ौत-कोताना मार्ग व दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बावली चुंगी तक लोग जाम में फंसे रहे।
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