बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को कुछ लोगों ने बच्चा चोरी होने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इस दौरान नर्सिंग होम कर्मचारियों से भी तीखी नोकझोंक हुई। अस्पताल संचालक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पाया कि जिन लोगों ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया था वह ही अस्पताल का बिल जमा कराकर बच्चे की छुट्टी कराकर ले गए। उधर पुलिस का कहना है कि बच्चा चोरी होने का कोई मामला नहीं है। उनका पारिवारिक विवाद चला आ रहा है।
बता दे कि गाजियाबाद की एक महिला सोनम की करीब दो माह पहले कोरोना से मृत्यु हो गई थी। उस समय वह सात माह की गर्भवती थी। महिला की मृत्यु से पहले ही आपरेशन से बच्चे का जन्म हो गया था। तभी से वह बच्चा अस्पताल में भर्ती था। बच्चे की नानी ने ही बच्चे को भर्ती कराया था और वहीं उसकी देखरेख कर रही थी। शुक्रवार को जब नानी शर्मिला तकरीबन डेढ लाख रुपये का अस्पताल बिल जमा करके बच्चे को घर ले गई तो बच्चे का पिता व उसके परिजनों अस्पताल पहुंचे और बच्चा चोरी होने की बात कहते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि बच्चे की नानी अस्पताल के स्टाफ से साठगांठ कर बच्चे को अपने साथ ले गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे को उसकी नानी ने ही अस्पताल में भर्ती कराया था और वहीं अस्पताल के बकाया का भुगतान कर बच्चें की छुट्टी कराकर अपने साथ ले गई। सीओ आलोक कुमार का कहना है कि इस संबंध में कोई तहरीर नहीं आयी है।