दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित ट्रांसफार्मर वर्कशाप में तैनात एसडीओ पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए दर्जनों गांवों के किसानों ने सोमवार को हंगामा-प्रदर्शन और नारेबाजी की।
किसानों की वर्कशाप कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक हुई। आक्रोशित किसानों ने वर्कशाप पर तालाबंदी और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम करने का भी प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी किसान उलझ गए। हंगामा बढ़ता देख एसडीओ वर्कशाप पर पहुंचे तो किसानों ने उनका घेराव कर खरी-खोटी सुनाई।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित ट्रांसफार्मर वर्कशाप की कार्यशैली के खिलाफ क्षेत्र के किसान एक हफ्ते से आंदोलित है। सोमवार को सिरसली, तिलवाड़ा, बिजरौल, रामनगर, छछरपुर, कैडवा, सिनौली, शंकल पुट्ठी, बामनौली, दाहा, गुराना, हिलवाड़ी आदि गांवों के सैकड़ों किसानों ने समाजसेवी धर्मवीर व ग्राम प्रधान छछरपुर अनिल कुमार एडवोकेट के नेतृत्व मेें वर्कशाप में हंगामा शुरू कर दिया।
किसान नेता धर्मवीर सिंह का कहना था कि वर्कशाप के एसडीओ और अन्य कर्मचारी दलालों से सांठगांठ कर प्रति ट्रांसफार्मर तीन से चार हजार रुपये किसानों से वसूलते हैं। किसानों ने एसडीओ को हटाने की मांग को लेकर वर्कशाप पर तालाबंदी व हाईवे जाम करने का प्रयास किया।
मौके पर पहुंची पुलिस से भी किसानों की नोकझोंक हुई। हंगामा बढ़ता देख एसडीओ एमपी सिंह वर्कशाप पर पहुंचे। किसानों ने उनका घेराव कर खरी-खोटी सुनाई। साथ ही प्रशासन से एसडीओ को हटाने की मांग की।
एसडीओ एमपी सिंह से इस संबंध में बात की तो उन्होंने आरोप को निराधार बताया। एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव ने कहा किसानों से अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं होगी। इसमें धर्मवीर सिरसली, खासेराम, इंद्रपाल, लोक गिरी, अमित, सुरेंद्र, वेदू, अनुज, सुधीर, गुलाब, इंद्रपाल, राम शर्मा, पीतम, चतर सिंह, तेजेंद्र आदि रहे।