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Baghpat News: किसान बैठक में पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर हंगामा

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बागपत। किसान दिवस में बार-बार समस्याएं उठाने के बाद भी समाधान नहीं होने पर किसान भड़क गए और जमकर हंगामा किया। बुधवार को भी किसानों की समस्याओं का अंबार लग गया और समाधान की मांग को लेकर किसान हंगामा करते रहे। अधिकारियों ने उन्हें किसी तरह समझाकर शांत किया।
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विकास भवन के सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसान बिजेंद्र सिंह ने कहा कि खेतों में फसल बर्बाद कर रहे गोवंशों को बार-बार मांग करने के बाद भी नहीं पकड़ा गया। किसान कड़ाके की ठंड में खेतों में पहरेदारी करने को मजबूर हैं।
मलकपुर मिल से गन्ना भुगतान नहीं मिलने पर किसानों ने हंगामा भी किया और जल्द भुगतान दिलाने की मांग की। किसान नेता संजीव दांगी और जितेंद्र सिंह ने कहा कि भुगतान की मांग को लेकर बार-बार ज्ञापन देकर किसान थक गए हैं। किसान बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं कर पा रहे है। उधर किसानों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के नहीं आने पर हंगामा किया। इसके अलावा बाढ़ में बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की।
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कोताना गांव के किसान विनोद ने ऊर्जा निगम पर कनेक्शन देने के बजाय ट्रांसफार्मर लगवाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। किसान इंद्रपाल सिंह ने प्राधिकरण के अधिकारियों पर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाया।

अधिकारी बोले, गन्ना विशेषज्ञ के पास नहीं है गाड़ी
किसान बैठक में किसानों ने खेतों में गन्ने की फसल खराब होने की शिकायत की। गन्ना अधिकारी ने गन्ना विशेषज्ञ के पास गाड़ी नहीं होने की बात कही। इसके बाद हंगामा होने पर गन्ना विशेषज्ञ को खेत में भेजकर जांच कराने का आश्वासन दिया।
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किसानों की सहमति से हटेंगे तीन क्रय केंद्र
बैठक में किसानों ने रमाला मिल से तीन गन्ना क्रय केंद्रों को हटवाकर दूसरे जिले के चीनी मिल से जोड़ने की मांग की। गन्ना अधिकारी अनिल कुमार ने 60 फीसदी किसानों की सहमति मिलने पर ही क्रय केंद्र हटाए जाएंगे।
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तीन साल से किसान लगा रहा चक्कर
बैंक की समस्या लेकर किसान बैठक में पहुंचे किसान धर्मपाल ने बताया कि वह पिछले तीन साल से किसान दिवस समेत अन्य अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया गया। जिस पर किसान भड़क गये। किसानों ने अधिकारियों को आंदोलन करने की चेतावनी दी। यह भी कहा कि अगर किसान गलत है तो उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराओ, नहीं तो शिकायत का समाधान करो।

30 हजार रुपये मुआवजे के लिए खर्च हो गए 20 हजार
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कोरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिलने की समस्या भी उठाई गई। अशरफाबाद थल गांव में रहने वाले तनवीर ने बताया कि उसकी जमीन का अधिग्रहण हो गया। जिसमें दो भाइयों को मुआवजा मिल गया, जबकि उसके हिस्से में 30 हजार रुपये मुआवजा आया है। 30 हजार रुपये मुआवजे के लिए भी वह एक साल से चक्कर लगा रहा है और उसके 20 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं।
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दुकानें आवंटित नहीं होने पर हंगामा
किसान बैठक में भाकियू नेता हिम्मत सिंह ने दुकानदारों की दुकानें तोड़ने और फिर आश्वासन देने के बाद दुकानें आवंटित नहीं होने की बात उठाई। काफी देर तक हंगामा होने के बाद ईओ ने दुकानें आवंटित कराने का आश्वासन दिया।

किसान गलतान सिंह के परिवार को नहीं मिला दुर्घटना बीमा
किसानों ने हंगामा करते हुए कहा कि गाजीपुर बार्डर पर किसान आंदोलन में किसान गलतान सिंह की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने किसान के परिवार को किसान दुर्घटना बीमा का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक लाभ नहीं दिलाया गया। इस मामले में किसानों ने आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
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