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UP: त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ की मौत, बागपत में सदमे में परिवार; नीरव मोदी केस में थे जांच अधिकारी

Mon, 20 Jul 2026 03:05 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

Baghpat News: त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ का शव सोमवार को उनके कार्यालय में मिला। वे बागपत के गांव बिहारपुर के निवासी थे। उन्होंने 13 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले, नीरव मोदी प्रकरण सहित कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया था। 
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अनुराग धनखड़ की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के बागपत स्थित बिहारपुर गांव निवासी और त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ की सोमवार को अगरतला पुलिस मुख्यालय में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों व उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, छोटे भाई रविराज ने आत्महत्या की आशंका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अनुराग ऐसा कदम नहीं उठा सकते। 
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अगरतला पुलिस मुख्यालय में सोमवार को अनुराग धनखड़ का शव उनके कार्यालय कक्ष में मिला। शुरुआती स्तर पर मामले को आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अनुराग धनखड़ के छोटे भाई रविराज ने बताया कि उन्हें पुलिस से घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
 

भाई बोले- अनुराग ऐसा कदम नहीं उठा सकते, निष्पक्ष जांच हो
अनुराग धनखड़ के छोटे भाई रविराज धनखड़ व मामा के लड़के उपेंद्र प्रधान ने कहा कि पूरा परिवार गहरे सदमे में है। अनुराग धनखड़ बेहद मजबूत व्यक्तित्व के मालिक थे और उनके आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात पर विश्वास करना मुश्किल है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी जांच कर वास्तविक कारण सामने लाने की मांग की।
 
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सीबीआई के बड़े मामलों के जांचकर्ता रहे अनुराग धनखड़
बागपत निवासी अनुराग धनखड़ ने जनता वैदिक इंटर कॉलेज से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1988 में कैनरा बैंक में फील्ड ऑफिसर के रूप में करियर शुरू करने के बाद 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। उन्होंने सीबीआई में पुलिस अधीक्षक, डीआईजी, संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक जैसे अहम पदों पर रहते हुए 13 हजार करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले और नीरव मोदी प्रकरण सहित कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया। संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन में भारत के प्रतिनिधि भी रहे। वर्ष 2025 में उन्हें त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था।

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