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UP: दसवीं फेल साइबर ठग ने आईपीएस बनकर ठग लिए 20 पुलिसकर्मी, चढ़ा पुलिस के हत्थे; ऐसे बनाता था शिकार

Tue, 02 Jun 2026 08:05 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

Baghpat News: बिहार निवासी लाल मोहन राय को पुलिस ने फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। मेरठ के एक चौकी प्रभारी प्रभारी से ठगी के मामले में उसे पकड़ा गया, तो अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो गया। 
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Cyber Crime - फोटो : istock
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश और बिहार में पुलिस महकमे को निशाना बनाने वाले एक हाई-प्रोफाइल साइबर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह ठग, जो मात्र दसवीं पास है, खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर न केवल थानेदारों बल्कि अन्य पुलिसकर्मियों को भी लाखों रुपये का चूना लगा चुका है। 
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मेरठ की ललियाना चौकी प्रभारी से 25 हजार रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिहार निवासी लाल मोहन राय को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ठगी के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें वह 20 से अधिक पुलिसकर्मियों को अपना शिकार बना चुका है।
 

गिरफ्तार आरोपी लाल मोहन राय, मूल रूप से बिहार के मोतिहारी जिले का रहने वाला है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर एक गिरोह चलाता है, जो पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाता है। लाल मोहन राय खुद को लखनऊ में डीजीपी कार्यालय में तैनात एसपी क्राइम (आईपीएस) बताकर फोन करता था। 
 

वह पीड़ित को बताता कि डीजीपी के किसी मित्र का सोना कुछ युवक लेकर भाग गए हैं, जिनमें से एक को पकड़ लिया गया है और दूसरा किसी विशेष क्षेत्र में छिपा है। इसके बाद, वह पीड़ित पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाता और मना करने पर निलंबित करने की धमकी देता था।
 

कैसे फंसा जाल में
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब ललियाना चौकी प्रभारी अमित कुमार को 5 अप्रैल को कंट्रोल रूम बागपत से एक फोन आया। उन्हें बताया गया कि लखनऊ में डीजीपी कार्यालय में तैनात एसपी क्राइम उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद, व्हाट्सएप पर एक कॉल आई जिसमें खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर बातचीत शुरू की गई। 
कॉल करने वाले ने बताया कि डीजीपी के मित्र सोने के कारोबारी हैं, जिनका तीन किलो सोना दो युवक लेकर भाग गए हैं। इनमें से एक को शामली में पकड़ लिया गया है, जबकि दूसरा ललियाना चौकी क्षेत्र में एक मंदिर के पास छिपा है। इसके बाद, चौकी प्रभारी पर 25 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने का दबाव बनाया गया। धमकी से घबराकर चौकी प्रभारी ने पैसे ट्रांसफर कर दिए।

अन्य थानों के भी निशाने पर
पुलिस की जांच में जब लाल मोहन राय का नाम सामने आया, तो पता चला कि वह पहले भी कई पुलिसकर्मियों से ठगी कर चुका है। बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला थाने की इंस्पेक्टर रूबी से उसने 50 हजार रुपये की ठगी की। इसी तरह, सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना चौकी प्रभारी सुदीप कुमार से 30 हजार रुपये ठगे गए। मेरठ जिले के रोहटा थाना प्रभारी पूजा पंवार से भी उसने ठगी का प्रयास किया था, लेकिन वे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने से इनकार कर गईं।
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पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपी लाल मोहन राय को उसके फरीदाबाद स्थित निवास से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वह और उसके साथी अजय चौबे तथा अन्य मिलकर यह ठगी करते हैं। पुलिस अब उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है और कई टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए सक्रिय हैं। जांच अधिकारी संत शरण ने बताया कि आरोपी ने आईपीएस बनकर सभी से ठगी की है और अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने साइबर ठगी के बढ़ते खतरे और पुलिसकर्मियों की सतर्कता पर सवाल खड़े किए हैं।

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