बालैनी के डौलचा गांव में मुकेश संविदा पर लाइनमैन था। बिजलीघर के सामने लाइन ठीक करते समय दर्दनाक हादसा हो गया। बिजली विभाग ने गलत लाइन का शट डाउन लेने की बात कही, वहीं परिजनों ने शट डाउन लेने के बाद भी लाइन चालू करने का आरोप लगाया है।
डौलचा गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहां बिजली लाइन में फाल्ट ठीक कर रहे संविदा लाइनमैन मुकेश (40) की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना ने क्षेत्र में आक्रोश की लहर दौड़ा दी, खासकर तब जब परिजनों ने बिजली विभाग पर शटडाउन लेने के बावजूद आपूर्ति शुरू करने का आरोप लगाया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया, जिसे पुलिस ने बड़ी मुश्किल से शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार, हबीबपुर नंगला गांव निवासी संविदा लाइनमैन मुकेश डौलचा बिजलीघर में कार्यरत थे। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे, बिजलीघर के सामने एक विद्युत लाइन में फाल्ट की सूचना मिलने पर वे तत्काल वहां पहुंचे। उनके बड़े भाई देवेंद्र ने बताया कि बिजलीघर से शटडाउन लेने के बाद मुकेश खंभे पर चढ़कर फाल्ट को ठीक करने का प्रयास कर रहे थे।
इसी बीच अनपेक्षित रूप से बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई, जिससे लाइन में करंट दौड़ गया। करंट की चपेट में आने से मुकेश झुलस गए और नीचे गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत बालैनी के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक मुकेश की जान जा चुकी थी।
मुकेश छह भाई-बहनों में सबसे छोटे थे और पिछले 15 वर्षों से संविदा लाइनमैन के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके बड़े भाई रविंदर सेना में हवलदार हैं और राजस्थान में तैनात हैं। मुकेश अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। उनकी मृत्यु से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने मुकेश के परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है।
ऊर्जा निगम का पक्ष और परिजनों का आरोप
इस मामले में ऊर्जा निगम के अधिकारियों का दावा है कि फाल्ट डौलचा और घटौली की लाइनों से संबंधित था। उनका कहना है कि संविदा लाइनमैन मुकेश को घटौली की लाइन का फाल्ट ठीक करना था, लेकिन उन्होंने गलती से डौलचा की लाइन का शटडाउन ले लिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
वहीं, मुकेश के परिजन इस दावे को खारिज कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ऊर्जा निगम के अधिकारी अपनी गलती छिपाने और खुद को बचाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि शटडाउन लेने के बावजूद बिजली आपूर्ति शुरू की गई, जो कि लापरवाही का सीधा प्रमाण है। इस मामले की विस्तृत जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
ऊर्जा निगम के अवर अभियंता राजीव गौतम ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि संविदा लाइनमैन ने गलती से घटौली लाइन की जगह डौलचा लाइन का शटडाउन ले लिया। इसलिए यह हादसा हो गया। उच्चाधिकारियों को पूरे प्रकरण की जानकारी दे दी गई है।