सरूरपुर कलां गांव के किसान देशपाल की बेटी प्रियंका ने यूपीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है और उनका वाणिज्य कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर चयन हुआ है। इनके अलावा मंसूरपुर के आकाश और बड़ौत की बहू हिमिका का चयन भी असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर हुआ है।
सरूरपुरकलां निवासी देशपाल की पुत्री प्रियंका ने यूपीपीएससी में 170वीं रैंक हासिल की। प्रियंका ने बताया कि उनको बागपत में तैनात रहे एसपी नीरज जादौन से सिविल सर्विस में जाने की प्रेरणा मिली। वह कई बार गांव में आए और युवाओं को प्रोत्साहित किया। उसके बाद से कड़ी मेहनत शुरू कर दी। प्रियंका दो बार साक्षात्कार तक पहुंचीं। वर्ष 2021 में लेखपाल बनीं और डौला गांव में तैनात रहीं। चार बहनों और एक भाई में दूसरे नंबर की प्रियंका की छोटी बहन प्रिंसी खंड शिक्षा अधिकारी हैं। ग्रामीण सुभाष नैन, राजू तोमर का कहना है कि बेटी की सफलता क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
पति वर्ष 2018 में पीसीएस बने तो अब पत्नी हिमिका ने बाजी मारी
बड़ौत में दिल्ली रोड निवासी हिमिका गौतम ने भी यूपीपीएससी में सफलता हासिल कर वाणिज्य कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर पद हासिल किया। वह नगर के चिकित्सक डॉ. पंकज के भाई अमित की पत्नी हैं। अमित वर्ष 2018 में पीसीएस में चयनित होकर वर्तमान में आगरा में स्टेट टैक्स ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। एक ही परिवार में दो प्रशासनिक अधिकारियों की इस उपलब्धि ने क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। इनकी सफलता पर लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं।
मंसूरपुर के आकाश चौधरी भी बने असिस्टेंट कमिश्नर
रटौल। मंसूरपुर गांव के किसान विनोद चौधरी के बेटे आकाश चौधरी ने भी यूपीपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की और उनको 72वीं रैंक मिली है। इससे उनको वाणिज्य कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर का पद मिला है। आकाश का 2022 में भी ईपीएफओ में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर चयन हुआ था। उन्होंने बताया कि वह चार साल से पीसीएस की तैयारी कर रहे थे और यह उनका दूसरा प्रयास था। इस बार उनका चयन हो गया। आकाश ने खेकड़ा से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की और बीटेक दिल्ली की डीटीयू से पास की। उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। वह दोपहर बाद अपने गांव पहुंचे तो उनका फूलमाला पहनाकर ग्रामीणों ने किया है।