सपा नेताओं ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया।
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बागपत में किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों पर अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में समाजवादी पार्टी के चार नेताओं ने गुरुवार को अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने चारों को अंतरिम जमानत दी है।
बता दें कि सपा कार्यकर्ता 14 दिसंबर 2020 को कृषि कानूनों के विरोध में कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने जा रहे थे। वहीं रास्ते में बागपत-मेरठ रोड पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसी दौरान उनकी पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हो गई। बताया गया कि कुछ महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मियों पर अशोभनीय टिप्पणी कर दी।
इसके बाद पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान समेत 14 नेताओं व अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं सपा की महिला सभा जिलाध्यक्ष डॉक्टर सीमा यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में गुरुवार को सपा के पूर्व प्रदेश सचिव शफीक सलमानी, जिला महासचिव डॉक्टर शकील अहमद, जिला सचिव अब्दुल वाहिद व लोहिया वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉक्टर रियासत अली ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया। अधिवक्ता राशिद तस्लीम ने बताया कि अदालत ने चारों को अंतरिम जमानत दे दी है।