भाजपा के जिला मंत्री सतपाल उपाध्याय पर लोगों के रुपये हड़पने और इस कारण एक व्यक्ति की मौत होने के बाद उसके परिजनों पर पथराव के आरोप लगने पर पार्टी की जिले में किरकिरी हुई। इसके बाद भाजपा ने जिला मंत्री सतपाल उपाध्याय से जबरन इस्तीफा ले लिया।
देवी चौक मोहल्ले में बुजुर्ग हीरालाल की मौत होने के बाद मंगलवार को आधी रात तक हंगामा होता रहा। इससे पहले भी जिला मंत्री सतपाल उपाध्याय के खिलाफ कई बार हंगामा हुआ। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा में पदाधिकारी होने के कारण उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है। इससे भाजपा की किरकिरी होती देख वरिष्ठ पदाधिकारी हरकत में आए। उन्होंने सतपाल उपाध्याय से जबरन इस्तीफा ले लिया। इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय ने बताया कि जिला मंत्री सतपाल उपाध्याय का इस्तीफा मंजूर कर पद से हटा दिया गया है। ऐसे कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
भाजपा के जिला मंत्री और दो बेटों समेत चार के खिलाफ मुकदमा
भाजपा के जिला मंत्री सतपाल उपाध्याय के घर शव लेकर पहुंचे लोगों पर पथराव करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई कर दी है। सीओ हरीश भदौरिया ने बताया कि सतपाल उपाध्याय, उसकी पत्नी कृष्णा, बेटे नीरज और विशाल के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट, जानलेवा हमला करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
ये है मामला
शहर के देवी चौक मोहल्ले में रहने वाले सोनू ने बताया कि उन्होंने भाजपा के जिलामंत्री सतपाल उपाध्याय के पास कमेटी डालकर रुपये इकट्ठे किए थे। आठ लाख रुपये इकट्ठा होने के बाद उन्होंने बहन की शादी के लिए भाजपा नेता से रुपये मांगे तो उसने रुपये नहीं दिए। कुछ समय पहले उसके पिता बीमार हो गए। उनकी हालत गंभीर होने पर उन्होंने भाजपा नेता से उपचार कराने के लिए रुपये मांगे, लेकिन रुपये नहीं लौटाए। मंगलवार शाम उसके पिता की मौत हो गई। वह अपने परिवार वालों के साथ पिता का शव लेकर रुपये मांगने भाजपा नेता के घर के बाहर पहुंच गया, तो भाजपा नेता और उसके परिजनों ने छत से पथराव कर दिया।