तलाक के आदेश को हाईकोर्ट में दी है चुनौती
स्वीटी के अनुसार, उनकी शादी चार जून 2019 को अक्षय से हुई थी और उसी वर्ष विवाह का पंजीकरण भी कराया गया था। उनका आरोप है कि बाद में दहेज की मांग को लेकर उन्हें प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया। इसके बाद अक्षय ने मेरठ की अदालत में तलाक का वाद दायर किया, जिस पर 20 जनवरी 2026 को तलाक का आदेश पारित हुआ।
महिला का कहना है कि उन्होंने 29 जनवरी 2026 को प्रयागराज हाईकोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी। हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई पूरी होने तक तलाक के आदेश पर स्थगन देते हुए दोनों पक्षों को दूसरी शादी न करने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद दूसरी शादी की तैयारियां की जा रही थीं।
लांस नायक बोले- तलाक हो चुका है
अक्षय का कहना है कि मेरठ की अदालत से उनका तलाक हो चुका है और उसी के आधार पर दूसरी शादी की तैयारी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की जानकारी नहीं थी। यदि ऐसा कोई आदेश है तो उसकी जानकारी प्राप्त की जाएगी।
पुलिस ने कानून का पालन करने की दी हिदायत
क्षेत्राधिकारी सुकन्या शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी होने तक दोनों पक्षों के विवाह पर रोक लगा रखी है। दोनों पक्षों को न्यायालय के आदेश का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।