उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने सोमवार को साकेत स्थित ऊर्जा भवन में चार मंडलों मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ के 18 जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची को सभी राजनीतिक पार्टियों को दिया जाएगा। इसके अलावा यह निर्वाचन आयोग की वेबसाइट और पोलिंग स्टेशन पर भी उपलब्ध रहेगी। इसे कोई भी देख सकता है और अगर कोई कमी लगती है तो आपत्ति लगा सकता है। फार्म 6, 7, और 8 भरकर जमा कर सकता है। जो फार्म आएंगे, उस पर सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) नियमानुसार निर्णय लेंगे।
उन्होंने बताया कि 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी और 28 दिसंबर तक इसका निपटान किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची भी सभी राजनीतिक पार्टियों दी जाएगी। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट और पोलिंग स्टेशन पर भी यह उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि बैठक में इसी पर मंथन किया गया कि कैसे मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध प्रकाशित किया जाए। उसमें कोई कमी न रहे।
साथ ही यह समीक्षा की गई कि अब तक क्या तैयारियां की गई हैं और जब चुनाव होंगे तब किस तरह से तैयारियां करनी हैं। जैसे- ईवीएम प्रशिक्षण, कानून व्यवस्था और मतदान के लिए लोगों को जागरूक करना आदि शामिल हैं। चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था पुख्ता रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश के बाकी जिलों की भी जल्द ही इसी तरह समीक्षा की जाएगी। समीक्षा बैठक में संबंधित जिलों के अधिकारियों ने आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों, निर्वाचन प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से संबंधित प्रगति का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया।
ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा, चार मंडलों के मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक या पुलिस उप महानिरीक्षक, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अलीगढ़, एटा, हाथरस और कासगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक शामिल रहे।
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