इस मामले पर डीएम ने छानबीन कराई तो पता चला कि पंचायत सचिव ने जांच में उसे मरा हुआ दिखाया और इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी हुई है। डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी तूलिका शर्मा को सत्यापन करने वाले पंचायत सचिव को नोटिस देकर जवाब तलब करने और दोनों विधवाओं की पेंशन बहाल कराने का आदेश दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने हरियाखेड़ा गांव के तत्कालीन पंचायत सचिव प्रेम कुमार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
नोटिस मिलने पर पंचायत सचिव ने फोन पर दी सफाई
जिला प्रोबेशन अधिकारी तूलिका शर्मा ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद पंचायत सचिव ने उनको फोन पर सफाई दी। बताया कि उन्होंने सत्यापन सही किया था। उनसे पूछा गया कि जब सत्यापन सही किया था तो कागजों में विधवा को मरा कैसे दिखाया गया। इस पर लिखित में स्पष्टीकरण देने को कहा है, जिसे डीएम के पास भेजा जाएगा।
विधवाओं की परेशानी बढ़ेगी, अन्य की जांच भी होगी
इस तरह पेंशन बंद होने के बाद विधवाओं की परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि उनकी पेंशन बंद कर दी गई होगी। अब पेंशन शुरू करने के लिए दोबारा से प्रक्रिया शुरू करनी होगी। अगर पेंशन अभी रोकी गई होगी तो उसे पूरे भुगतान के साथ शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य पेंशन की जांच भी कराई जा रही है।
नौरोजपुर गुर्जर की महिला को थमा दिया गया था मृत्यु प्रमाण पत्र
एक साल पहले इस तरह ही बड़ी लापरवाही सामने आई थी। नौरोजपुर गुर्जर गांव की एक महिला ने पति की मौत के बाद पारिवारिक लाभ योजना से 30 हजार रुपये की सहायता लेने को आवेदन किया था। लेकिन तहसील प्रशासन ने सहायता दिलाने की जगह महिला को जांच रिपोर्ट में मरा बताकर मृत्यु प्रमाण पत्र ही थमा दिया था।