इस पर दुकानदार भड़क गए और उन्होंने रेलवे के अधिकारियों पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। उधर, हंगामा चलता रहा और दूसरी तरफ रेलवे के अधिकारी दुकानों को तोड़ते रहे। पुलिस ने किसी तरह दुकानदारों को समझाकर शांत कराया। अभियान में लख्मीचंद, सचिन गर्ग, संजय वर्मा, राकेश वर्मा, सुभाष, मंजू देवी, अमित, राजू, सुनील, बॉबी, यूनुस खान, रविंद्र, सुमित समेत 23 दुकानदारों की दुकानों को तोड़ दिया गया।
सड़क पर बिखरा पड़ा रहा सामान
टीम ने कार्रवाई के दौरान दुकानों में रखा सामान बाहर निकालकर फेंक दिया। दुकानदारों के पास जगह नहीं होने के कारण उनका काफी सामान खराब हो गया।
रेलवे फाटक के पास भाकियू का धरना शुरू
कस्बे में दुकानें तोड़ने के विरोध में भाकियू के पूर्व युवा जिलाध्यक्ष उतर गए। उन्होंने दुकानदारों के साथ मिलकर रेलवे फाटक के पास धरना शुरू कर दिया। जहां भाकियू के पूर्व युवा जिलाध्यक्ष चौधरी हिम्मत सिंह ने कहा कि दुकाने तोड़ने में पक्षपात किया जा रहा है। रसूकदार दुकानदारों की दुकानें छोड़ दी गईं, जबकि गरीब दुकानदारों की दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर पूर्व सभासद नईम खान, सभासद यूनुस खान, मंजू, सुभाष पांचाल, सुमित वर्मा, संदीप पांचाल, तरुण आदि शामिल रहे।
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तहसीलदार के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना
रेलवे फाटक के पास भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह के धरने पर शनिवार शाम तहसीलदार अजय कुमार, कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार पहुंचे। जहां तहसीलदार ने दुकानें तोड़ने में पक्षपात न होने देने, पहले निशानदेही कराने और फिर दुकानें तोड़ने का आश्वासन दिया। तहसीलदार ने छह अक्तूबर को रेलवे के अधिकारियों के साथ दुकानदारों की बैठक कराकर समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
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