इस बात का जब अमित को पता चला, तो उसने निरमेश के साथ मारपीट की और दोस्ती तोड़ दी थी। जिसके बाद निरमेश अमित की बहन को परिवार की मर्जी के खिलाफ मलकपुर गांव ले आया था और उसके साथ शादी रचा ली थी। शादी के बाद बेटा अमन पैदा हुआ। घर में खुशी का माहौल था, लेकिन अमित के सिर पर खून सवार था, उसने पहले निरमेश का अपहरण किया और बड़ौत में आवास विकास कालोनी में लाकर उसकी हत्या कर दी थी।
उसके कुछ दिनों बाद अमित ने अपने बहन को भी गायब कर दिया था, जिसका आज तक पता नहीं चल सका। तब अमन मात्र दो साल का था। उसके बाद भी अमित के सिर पर झूठी शान का बोझ था और वह अमन की भी हत्या करना चाहता था, लेकिन उसे मौका नहीं मिला। इस दौरान अमित ने कई और भी अपराधिक घटनाएं की, जिसमें वह कई बार जेल भी गया।
जमानत पर बाहर आने के बाद अमन पर रखता था नजर
विभिन्न मामलों में सजा काट रहा अमित जब भी कोर्ट से जमानत लेकर बाहर आता, वह अमन पर नजर रखता, लेकिन उसे कभी अमन की हत्या करने का मौका नहीं मिला। 18 साल लंबे इंतजार के बाद अमित ने आखिरकार मौका ढूंढ लिया और उसने अपने दोस्तों के साथ अमन को मौत के घाट उतार दिया।
अमन को भी पिता और मां की हत्या का कारण पता चल गया था और अमन भी मामा की जान का दुश्मन बन गया था। अमन अमित को मारता, इससे पहले ही अमित ने योजना बनाकर अमन को मौत के घाट उतार दिया।
नहीं मिला अमन का शव, तलाश जारी
अमन की हत्या कर शव को यमुना नदीं में फेंक दिया गया था। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से यमुना में अमन के शव की तलाश की, लेकिन शव नहीं मिल सका।
अमित को अपने भांजे से खतरा पैदा हो गया था। अमन मामा के खिलाफ कुछ करता, इससे पहले ही अमित ने अपने भांजे की हत्या की साजिश रच दी और कई ऐसे युवकों को शामिल किया, जो उसके भी दोस्त थे और अमन के भी। योजना के तहत अमित ने अमन की हत्या कर दी। फिलहाल अमित ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया -सविरत्न गौतम सीओ बड़ौत।