बागपत। गुर्दे में पथरी होने पर पूजा सोमवार को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने गई थी। उसके साथ ऐसा कुछ हुआ, जिसने सभी को चौंका दिया।
बदरखा की रहने वाली पूजा ने चिकित्सक को पहले ही पथरी का दर्द होने के कारण अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही। मगर, चिकित्सक ने गर्भवती होने के कारण उसका बच्चेदानी का अल्ट्रासाउंड कर दिया। उससे कहा कि बच्चा ठीक है। उसने विरोध जताया तो उसे मंगलवार को दोबारा आने के लिए कह दिया गया।
बदरखा गांव के हरिओम ने बताया कि उसकी पत्नी पूजा को कई दिन से पेट में दर्द हो रहा था। उसको पहले गुर्दे में पथरी थी, इसलिए वह गुर्दे में पथरी की सही जानकारी करने के लिए अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जिला अस्पताल में पहुंचे। वहां पर्ची बनवाने के बाद चिकित्सक से गुर्दे में पथरी की समस्या और दर्द होने की बात कहते हुए अल्ट्रासाउंड कराने के लिए उस पर लिखवा लिया।
पहले अल्ट्रासाउंड कक्ष के पास एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद पत्नी को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कक्ष में अंदर भेज दिया। पर्ची पर सबकुछ साफ लिखा होने के बावजूद चिकित्सक ने बच्चेदानी का अल्ट्रासाउंड कर दिया। चिकित्सक ने महिला से कहा कि बच्चा पूरी तरह से ठीक है। महिला ने कहा कि वह गर्भवती जरूर है, मगर उसे गुर्दे की पथरी के लिए अल्ट्रासाउंड कराना था।
चिकित्सक ने दोबारा अल्ट्रासाउंड करने से मना कर दिया। महिला के विरोध करने पर कक्ष से बाहर निकाल दिया और कहा कि अभी भीड़ है, यहां अल्ट्रासाउंड नहीं होगा। उसे मंगलवार को दोबारा आने पर अल्ट्रासाउंड करने की बात कही गई। व्यक्ति ने सीएमओ व सीएमएस से शिकायत करके कार्रवाई की मांग की है।