कुर्डी टीले पर खोदाई करते पुरातत्वविद। स्रोत ग्रामीण
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बड़ौत। कुर्डी गांव में टीले पर भारतीय विरासत संस्थान द्वारा कराए जा रहे उत्खनन में सोमवार को खोदाई में कुछ नया नहीं मिला। वहीं टीले पर दिखी दीवारों को जमीन से बाहर निकालने के लिए खोदाई की जा रही है।
टीला सैकड़ों बीघा परिक्षेत्र में फैला हुआ है। इस विशाल टीले पर अब काफी ऐसे साक्ष्य मिलने शुरू हो चुके हैं, जिसकी उम्मीद लगाए जा रही थी। अभी तक की खोदाई में कुछ ट्रेंच से ईंटों की बड़ी दीवारें भी साफ दिखाई देने लगी हैं। इन दीवारों को जमीन से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रयास जारी है। यहां सोमवार को खोदाई में पुरातत्विदों को कुछ नया नहीं मिला है।
टीले पर पहुंचे नए शोधार्थी खोदाई में निकले पुरावशेष को देखकर काफी उत्साहित है। क्योंकि अब इससे एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि टीले पर मानव बस्ती मौजूद रही होगी। मानव बस्ती के प्रमाण सभी के सामने आ गए है। इससे ग्रामीण भी टीले का राज जानने के लिए उत्सुक हैं।
वहीं तिलवाड़ा टीले पर भी खोदाई का काम चल रहा है। यहां भी बहुत धीमी गति के साथ काम किया जा रहा है। जिस सफलता की यहां पर उम्मीद जताई जा रही थी। वह अभी तक नहीं मिल पाई है। इसके बाद भी उम्मीद पर उत्खनन कार्य जारी है।