चांदीनगर। क्षेत्र में बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रटौल में महिला और डगरपुर गांव में एक ग्रामीण की मौत हो गई। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग अनदेखी कर रहा है। शिकायत के बावजूद कैंप नहीं लगाया गया है।
रटौल में बुखार से पीड़ितों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है। बिमला (45) पत्नी ओमप्रकाश कई दिन से बुखार से पीड़ित चल रही थी। बुधवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके अलावा डगरपुर गांव निवासी बुजुर्ग सुखबीर पुत्र भगत भी बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने काफी उपचार कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। उनकी भी उपचार के बाद मौत हो गई। परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कराया।
रटौल गांव में बुखार से ग्रामीणों के बीच दहशत है। राबिया, सना, जुबैर, अयान, कामिल, अबरार, सुल्तान समेत गांव में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रति लोगों में रोष है। आरोप लगाया काफी मांग के बाद खेकड़ा के डॉक्टरों ने कैंप लगाया, लेकिन खानापूर्ति करके चले गए। सही प्रकार से रोगियों की जांच भी नहीं की गई।
दिलशाद, उस्मान, शाहिद, राकेश, प्रमोद, शिवकुमार, इरफान ने स्वास्थ्य विभाग से एक सप्ताह से कैंप लगाने की मांग की है। सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने कहा बुखार से मौत होने की जानकारी नहीं है। इसकी वे जांच कराएंगे।