- दो सहकारी चीनी मिलों के 32 केंद्रों का गन्ना डायवर्जन किया जाएगा
- क्राॅप कटिंग सर्वे में गन्ना उत्पादन में गिरावट से आने से मची खलबली
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले की दोनों सहकारी चीनी मिलों से साढ़े आठ लाख क्विंटल गन्ना दूसरी मिलों में भेजने का प्रस्ताव गन्ना आयुक्त को भेजा गया। अब हजारों किसानों का 32 क्रय केंद्रों का गन्ना दूसरी चीनी मिलों को डायवर्ट होना तय माना जा रहा है। वहीं क्राॅप कटिंग सर्वे में गन्ना उत्पादन में कमी सामने आने से गन्ना विभाग चिंतित है।
सहकारी चीनी मिल बागपत में 37.84 लाख क्विंटल गन्ना पेराई हो चुकी हैं। अब इस मिल की ओर से गन्ना आयुक्त को तीन लाख क्विंटल गन्ना दूसरे मिलों को डायवर्ट करने का प्रस्ताव भेजा। सहकारी चीनी मिल रमाला में 65.75 लाख क्विंटल गन्ना पेराई हो चुकी। मगर, अब साढ़े पांच लाख क्विंटल गन्ना डायवर्ट करने का प्रस्ताव गन्ना आयुक्त को भेजा है। यदि गन्ना डायवर्जन हुआ तो इन दोनों मिलों को गन्ना दूसरे जिले की चीनी मिलों को आवंटित किया जाएगा।
24 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन
जिले की तीनों चीनी मिलों में कुल 2.30 करोड़ क्विंटल गन्ना पेराई हो चुकी है। इससे 24.36 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन हो चुका है।
एक प्रतिशत गन्ना भुगतान
मलकपुर चीनी मिल पर किसानों को 437 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बनता है। अब तक केवल 4.65 करोड़ रुपये यानी एक प्रतिशत ही गन्ना भुगतान किसानों को मिला है।
गन्ना क्राॅप कटिंग की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता
जिले में 60 स्थानों पर गन्ना क्रॉप कटिंग कराई गई हैं, जिसमें प्रति हेक्टेयर 850 क्विंटल गन्ना उत्पादन निकलकर सामने आ रहा है। पिछले साल प्रति हेक्टेयर 903 क्विंटल उत्पादन था। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अनिल कुमार ने उत्पादन में आई गिरावट की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि गन्ना उत्पादन की नई तकनीक किसान तक पहुंचाने को 30 गन्ना सुपरवाइजर को कृषि विज्ञान केंद्र पर मास्टर ट्रेनर्स के लिए प्रशिक्षण मिलेगा। इसके बाद गांव-गांव में मुख्यमंत्री गन्ना कृषक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेगा जिसमें सुपरवाइजर किसानों को गन्ना उत्पादन बढ़ाने के गुर बताएंगे।
दोनों मिलों की ओर से गन्ना आयुक्त को साढ़े आठ लाख क्विंटल गन्ना दूसरे मिलों को डायवर्ट करने का प्रस्ताव भेजा गया है। गन्ना डायवर्ट होगा या नहीं, इस पर आयुक्त को निर्णय लेना है। - अमर प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी