बागपत। पंजाब के व्यक्ति से कार लूटने वाले दो लुटेरों के मुकदमे में सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने दोषसिद्ध कर दिया। न्यायाधीश ने दोनों लुटेरों को सात-सात साल की सजा सुनाई और छह-छह हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 15 दिन की सजा बढ़ाई जाएगी।
दोघट थाने में वर्ष 2016 में मेरठ जिले के अजराड़ा गांव के रहने वाले निवासी जाने आलम ने मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि 18 अक्तूबर को वह अपनी कार में जमील निवासी हापुड़ के साथ लुधियाना जा रहा था। मेरठ जिले के पारसी गांव से पुल के आगे दोघट क्षेत्र में पहुंचे तो एक नलकूप पर शौच करने के लिए रुक गए। वापस आए तो कार नहीं मिली। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच की तो लूट होना सामने आया। इसमें पुलिस ने आसिफ और अमीरुद्दीन को गिरफ्तार कर खुलासा किया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। इसमें न्यायाधीश ने दोनों पर दोषसिद्ध करते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई और छह-छह हजार रुपये के अर्थदंड लगाया।
20जेएनडी35: सचिव बने कुलवंत श्योकंद विजयी चिन्ह दिखाते हुए। संवाद