लेखपाल भर्ती परीक्षा में शिक्षा माफिया का
बोलबाला रहा। बड़ौत में निरीक्षण के दौरान परीक्षा केंद्रों से दो फर्जी
परीक्षार्थी पकड़े गए। हरियाणा के शिक्षा माफिया ने अभ्यर्थियों से परीक्षा
में पास कराने का ठेका ले रेखा था। प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता से
यह भेद खुल गया।
रविवार सुबह 10.30 बजे से लेखपाल भर्ती परीक्षा
शुरू होने से पूर्व ही दिगंबर जैन कॉलेज, दिगंबर जैन इंटर कॉलेज, जनता
वैदिक कॉलेज और जनता वैदिक डिग्री कॉलेज परीक्षा केंद्रों के आसपास सीमा को
पूरी तरह प्रशासनिक अधिकारियों ने सील कर दिया था।
सभी परीक्षा केंद्रों
पर परीक्षार्थियों की आईडी और प्रवेशपत्र की चेकिंग करने के बाद ही अंदर
उन्हें जाने दिया गया। जनता वैदिक कॉलेज के परीक्षा केंद्र पर सभी सुरक्षा
चक्रों को तोड़ते हुए हरियाणा के शिक्षा माफिया गिरोह का एक गुर्गा दूसरे
परीक्षार्थी के प्रवेश-पत्र पर परीक्षा में बैठने में सफल हो गया।
निरीक्षकों की चेकिंग में उसकी जालसाजी पकड़ी गई। एएसपी विद्या सागर मिश्र
ने बताया कि पहली पारी में यह फर्जी परीक्षार्थी जनता वैदिक इंटर कॉलेज के
परीक्षा केंद्र पर कमरा नंबर 21 में परीक्षा देते पकड़ा गया।
एएसपी के
मुताबिक पकड़ा गया फर्जी परीक्षार्थी हरियाणा के सोनीपत के खिज्जरपुर
निवासी नीरज गौतम पुत्र राममेहर है। वह बागपत जनपद के बामनौली निवासी सहदेव
तोमर पुत्र रामधन तोमर के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। एएसपी ने बताया कि
हरियाणा के जनपद सोनीपत के गुहाना के शिक्षा माफिया कुलदीप ने परीक्षा देने
के लिए उसे भेजा था। उसने परीक्षार्थी सहदेव से डेढ़ लाख रुपये में
परीक्षा में पास कराने का सौदा किया था।
उसने यह भी बताया कि कुलदीप ने उसे
परीक्षा में जाने के लिए एक हजार रुपये भी दिए थे। पकड़ा गया नीरज नकल
माफिया के बड़े रैकेट से जुड़ा हुआ है।
कक्ष निरीक्षक सुरेंद्र कुमार व
अनिल कुमार की तहरीर पर पकड़े गए नीरज गौतम, सोनीपत के कुलदीप और बामनौली
के सहदेव तोमर के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। दूसरी पारी में पकड़ा
गया मुन्नाभाई जिवाना गुलियान निवासी कुलदीप पुत्र ओमप्रकाश है।
वह दिगंबर
जैन कॉलेज में बबलू नामक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। कक्ष
निरीक्षक डॉ. हिमांशु बंसल व डॉ. संजू ने चेकिंग के दौरान उसे पकड़ा। फिर
पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधीक्षक शरद सचान ने भी आरोपी से पूछताछ की।
एसपी
ने बताया कि पहली पारी में पकड़ा गया आरोपी नीरज गौतम ईस्ट पुलिस लाइन
दिल्ली पुलिस में कांस्टेबिल है और हाल में वह किसी व्यक्ति की सुरक्षा में
चल रहा है। नीरज ने बताया कि रुपयों के लालच ने उसने यह काम किया है।
उधर, लेखपाल भर्ती परीक्षा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए एडीएम राकेश
मालपाणी, एएसपी विद्यासागर मिश्र, एसडीएम यशवर्द्धन श्रीवास्तव, सीओ सीपी
सिंह और सीओ रमाला राजबीर सिंह परीक्षा केंद्रों पर पैनी नजर रखे हुए थे।